सरकारी जमीन पर दबंगों का कब्जा, प्रशासन की चेतावनी के बाद भी फिर लगाई गई तार फेंसिंग
प्रशासन को चुनौती देते दबंग, शाढौरा के ग्राम चारौदा में सरकारी जमीन पर फिर तना 'तारों का जाल'
अशोकनगर,शाढौरा (मध्य प्रदेश) | 05 मई, 2026। शासकीय नियमों को ताक पर रखकर दबंगई करना अब एक आम बात होती जा रही है, लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए? तहसील शाढौरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम चारौदा में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पूर्व सरपंच और एक शासकीय शिक्षक ने मिलकर न केवल सरकारी जमीन पर कब्जा किया है, बल्कि प्रशासनिक आदेशों की धज्जियां भी उड़ा दी हैं।
प्रशासन के जाते ही फिर हुआ 'अवैध कब्जा'
ग्राम चारौदा स्थित शासकीय रकबा क्रमांक 96/1 और 96/2, जो राजस्व रिकॉर्ड में आम रास्ते के रूप में दर्ज है। लेकिन पूर्व सरपंच हिम्मत सिंह यादव और शासकीय शिक्षक कल्याण सिंह यादव ने बलपूर्वक तार फेंसिंग कर दी है।
हैरानी की बात यह है कि 13 मार्च 2026 को तहसीलदार शाढौरा और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था और अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी थी। लेकिन प्रशासन की सक्रियता केवल कागजों तक ही सीमित रही। जैसे ही प्रशासनिक दल गांव से वापस लौटा, दबंगों ने पुनः उसी स्थान पर तार फेंसिंग कर आम रास्ता बंद कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई केवल एक 'दिखावा' साबित हुई।
शिक्षक की दबंगई: सेवा नियमों का खुला उल्लंघन
इस पूरे प्रकरण में सबसे विवादित पहलू कल्याण सिंह यादव की भूमिका है, जो वर्तमान में शासकीय शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। एक शासकीय सेवक होने के नाते उन पर सरकारी संपत्तियों की रक्षा का दायित्व है, परंतु आरोप है कि वे स्वयं ही सरकारी भूमि हड़पने में लगे हैं।
Varsha Shrivastava 
