छिंदवाड़ा घटना पर उमंग सिंघार का सरकार पर हमला, एक समान मुआवजा नीति की मांग

छिंदवाड़ा की घटना पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- कांग्रेस विधायक दल की ओर से मृतकों के परिवार को 50 हज़ार रुपये दिए जाएंगे। पीड़ित परिवारों से PCC चीफ जीतू पटवारी मिले।

छिंदवाड़ा घटना पर उमंग सिंघार का सरकार पर हमला, एक समान मुआवजा नीति की मांग

मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने छिंदवाड़ा की हाल ही में घटी घटना को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल मृतकों के परिवारों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देगा, जबकि सरकार द्वारा दिया जा रहा मुआवजा अपर्याप्त है।

एक समान कंपनसेशन पॉलिसी क्यों नहीं बनाई गई

सिंघार ने सवाल उठाया कि मध्यप्रदेश में अब तक कोई स्पष्ट और एक समान कंपनसेशन पॉलिसी क्यों नहीं बनाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल घोषणाएं करती है, लेकिन पीड़ितों को वास्तविक सहायता पाने के लिए विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने इस तरह की घटनाओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने की मांग भी की, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर राहत मिल सके।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंघार ने प्रशासन पर दबाव बनाने के भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा में अधिकारियों द्वारा ऐसे पत्र जारी किए गए, जिनमें मुख्यमंत्री की सभा में शामिल न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। साथ ही, लाड़ली बहना योजना की राशि न मिलने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया।

सिंघार ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में मध्यप्रदेश में 65 हजार से अधिक दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 14,791 लोगों की मौत हुई है। इस आधार पर उन्होंने राज्य को देश में दूसरे स्थान पर बताया और सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उन योजनाओं पर ज्यादा ध्यान देती है जहां कमीशन की संभावना होती है, जबकि गरीबों और प्रभावितों के लिए ठोस नीति नहीं बनाई जा रही। छोटे दुकानदारों, होटल व्यवसायियों और आम लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को जल्द ही प्रभावी नीति बनाने की जरूरत है।

पीड़ित परिवारों से मिले जीतू पटवारी, 1 करोड़ मुआवजे की मांग

छिंदवाड़ा जिले के सड़क हादसे में प्रभावित परिवारों से पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने शनिवार को मुलाकात की। वे तय कार्यक्रम के अनुसार सौंसर, करेर, मुआर, झिरिया और झामटा सहित विभिन्न गांवों में पहुंचे और मृतकों के परिजनों से बातचीत कर संवेदना व्यक्त की।

मुलाकात के बाद जीतू पटवारी ने राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह हादसा केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने सीधे तौर पर मोहन यादव को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी को शर्म आनी चाहिए। उनके कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के कारण 10 लोगों की जान चली गई। 

जीतू पटवारी ने कहा कि दुर्घटना में हुई मृत्यु अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। यह आंसुओं और चीखों के पीछे केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही, अव्यवस्था और जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने की प्रवृत्ति भी जिम्मेदार है। इस दुख की घड़ी में कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।