ब्रिटिश PM का इस्तीफा: कीर स्टार्मर के खिलाफ 100 सांसदों ने खोल दिया था मोर्चा

कीर स्टार्मर ने दिया इस्तीफा, एंडी बर्नहैम बने ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री पद के सबसे बड़े दावेदार

ब्रिटिश PM का इस्तीफा: कीर स्टार्मर के खिलाफ 100 सांसदों ने खोल दिया था मोर्चा

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने पद और लेबर पार्टी के नेतृत्व से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। 22 जून सोमवार को 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्टार्मर ने कहा कि उनकी पार्टी को अब नहीं लगता कि वह अगले आम चुनाव में लेबर पार्टी का नेतृत्व करने के लिए सही व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी और देश के हित में उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया है।

स्टार्मर के इस्तीफे के साथ ही ब्रिटेन में नए प्रधानमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और जुलाई के मध्य तक नए नेता का चयन कर लिया जाएगा। तब तक स्टार्मर कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालते रहेंगे।

400 में से 100 सांसद चल रहे थे नाराज...

कीर स्टार्मर के खिलाफ पिछले कुछ महीनों से लेबर पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता जा रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के 400 सांसदों में से 100 से ज्यादा सांसद उनके नेतृत्व से नाराज थे और खुले तौर पर बदलाव की मांग कर रहे थे।

कई सांसदों का मानना था कि स्टार्मर की लोकप्रियता लगातार घट रही है और अगर पार्टी उनके नेतृत्व में अगले आम चुनाव में जाती है तो उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी कारण बड़ी संख्या में सांसदों ने उनसे पद छोड़ने या इस्तीफे की तारीख घोषित करने की मांग की थी। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने भी उनके नेतृत्व पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इससे स्टार्मर पर दबाव लगातार बढ़ता गया।

2024 की जीत के बाद क्यों कमजोर पड़े स्टार्मर...

कीर स्टार्मर ने साल 2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी को बड़ी जीत दिलाई थी। उस समय उन्हें ब्रिटेन की राजनीति का सबसे मजबूत चेहरा माना जा रहा था। हालांकि सरकार बनने के बाद हालात बदलते गए। सरकार की कुछ नीतियों को लेकर जनता और पार्टी दोनों के भीतर असंतोष बढ़ा।

कई मुद्दों पर सरकार को यू-टर्न लेना पड़ा, जिससे स्टार्मर की छवि को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा लोगों के जीवन स्तर में सुधार और आर्थिक राहत से जुड़े कई वादे अपेक्षित गति से पूरे नहीं हो सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन कारणों से उनकी लोकप्रियता लगातार कम होती गई और पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे।

उपचुनाव में एंडी बर्नहैम ने जीत हासिल की...

स्टार्मर की मुश्किलें उस समय और बढ़ गईं जब हाल ही में हुए एक महत्वपूर्ण उपचुनाव में एंडी बर्नहैम ने जीत हासिल की। इस जीत ने बर्नहैम की राजनीतिक स्थिति को मजबूत कर दिया और उन्हें लेबर पार्टी के संभावित नए नेता के रूप में देखा जाने लगा।

उपचुनाव में जीत के बाद बर्नहैम ने कहा था कि देश को नई दिशा और नए नेतृत्व की जरूरत है। उनके समर्थकों ने भी खुलकर नेतृत्व परिवर्तन की मांग शुरू कर दी थी। इसके बाद पार्टी के भीतर स्टार्मर के खिलाफ माहौल और मजबूत हो गया।

जुलाई तक मिल सकता है नया प्रधानमंत्री

इस्तीफे की घोषणा करते हुए स्टार्मर ने कहा कि लेबर पार्टी जुलाई के मध्य तक अपने नए नेता का चुनाव करने की कोशिश करेगी। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (NEC) नेतृत्व चुनाव का कार्यक्रम तय करेगी। जानकारी के अनुसार 9 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो सकती है और संसद के ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले नए नेता के चयन की कोशिश की जाएगी।

ब्रिटेन में प्रधानमंत्री का चुनाव सीधे जनता नहीं करती। वहां लोग सांसद चुनते हैं और संसद में बहुमत वाली पार्टी का नेता प्रधानमंत्री बनता है। इसलिए लेबर पार्टी का नया नेता ही देश का अगला प्रधानमंत्री बनने का सबसे मजबूत दावेदार होगा। इसके लिए आम चुनाव कराने की जरूरत नहीं होगी।

एंडी बर्नहैम PM पद के सबसे मजबूत दावेदार... 

इस समय एंडी बर्नहैम को कीर स्टार्मर का उत्तराधिकारी बनने की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। वह ब्रिटेन की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा हैं और पार्टी के विभिन्न गुटों में उनकी अच्छी स्वीकार्यता है। बर्नहैम पहले भी कई महत्वपूर्ण सरकारी पद संभाल चुके हैं।

स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल चर्चा में रहा था। कोविड महामारी के दौरान उन्होंने मैनचेस्टर के हितों के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई थी। इससे उनकी छवि आम लोगों के लिए लड़ने वाले नेता की बनी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी के वामपंथी और मध्यमार्गी दोनों वर्गों का समर्थन मिलने के कारण उनकी दावेदारी मजबूत दिखाई दे रही है।

इन नेताओं के नाम भी चर्चा में....

हालांकि बर्नहैम को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है, लेकिन नेतृत्व की दौड़ सिर्फ उन्हीं तक सीमित नहीं है। कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी सामने आ रहे हैं। एंजेला रेनर, जो फिलहाल लेबर पार्टी की उपनेता हैं, संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं। पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

इसके अलावा अनुभवी नेता यवेट कूपर का नाम भी चर्चा में है। उन्होंने सरकार और पार्टी संगठन में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। वहीं वेस स्ट्रीटिंग को पार्टी की नई पीढ़ी का प्रभावशाली नेता माना जाता है। हाल के वर्षों में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है और कई लोग उन्हें भविष्य के बड़े नेता के रूप में देखते हैं।

ब्रिटेन को 7 साल में मिला छठा प्रधानमंत्री...

कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद ब्रिटेन को सात साल में छठा प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में ब्रिटेन में नेतृत्व परिवर्तन की रफ्तार काफी तेज रही है। 2016 में ब्रेक्जिट जनमत संग्रह के बाद डेविड कैमरन ने इस्तीफा दिया था। उनके बाद थेरेसा मे प्रधानमंत्री बनीं, लेकिन वह संसद से ब्रेक्जिट समझौता पारित नहीं करा सकीं और पद छोड़ना पड़ा।

इसके बाद बोरिस जॉनसन प्रधानमंत्री बने, लेकिन कई विवादों और राजनीतिक संकटों के चलते उन्हें भी इस्तीफा देना पड़ा। फिर लिज ट्रस प्रधानमंत्री बनीं, जिनका कार्यकाल केवल 49 दिनों का रहा। लिज ट्रस के बाद ऋषि सुनक प्रधानमंत्री बने, लेकिन आम चुनाव में हार के बाद उन्हें भी पद छोड़ना पड़ा। अब कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद ब्रिटेन एक बार फिर नए नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है।

ब्रिटेन में बार-बार क्यों बदलते हैं प्रधानमंत्री... 

विशेषज्ञों के अनुसार इसकी सबसे बड़ी वजह ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था है। वहां प्रधानमंत्री सीधे जनता द्वारा नहीं चुना जाता, बल्कि सांसदों के समर्थन से पद पर बना रहता है। यदि सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों को लगता है कि उनका नेता अगले चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है, तो वे नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। ऐसे मामलों में आम चुनाव कराना जरूरी नहीं होता। यही कारण है कि ब्रिटेन में पार्टी का समर्थन कमजोर पड़ते ही प्रधानमंत्री के पद पर संकट आ सकता है और नेतृत्व परिवर्तन अपेक्षाकृत तेजी से हो जाता है।

अब सबकी नजर लेबर पार्टी के नेतृत्व चुनाव पर टिकी है। आने वाले कुछ हफ्तों में यह साफ हो जाएगा कि पार्टी किस नेता पर भरोसा जताती है। फिलहाल एंडी बर्नहैम सबसे मजबूत दावेदार दिखाई दे रहे हैं, लेकिन एंजेला रेनर, यवेट कूपर और वेस स्ट्रीटिंग जैसे नेता भी मुकाबले को दिलचस्प बना सकते हैं। कीर स्टार्मर के इस्तीफे ने ब्रिटेन की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू कर दिया है। अब आगे जो भी नेता चुना जाएगा, उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को एकजुट रखना और अगले आम चुनाव के लिए मजबूत रणनीति तैयार करना होगी।