नवविवाहित युवक को मंदिर में रस्म करने से रोका, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

भोजपुर मंदिर में नवविवाहित युवक को वरमाला से रोके जाने के बाद आस्था और प्रशासनिक नियमों के बीच विवाद छिड़ गया है।

नवविवाहित युवक को मंदिर में रस्म करने से रोका, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

भोपाल: ऐतिहासिक भोजपुर मंदिर में नवविवाहित युवक को वरमाला की रस्म से रोके जाने का मामला अब तूल पकड़ चुका है। आस्था बनाम प्रशासनिक नियमों की यह टक्कर सोशल मीडिया से निकलकर बहस के केंद्र में आ गई है।
वायरल वीडियो में युवक खुद को भूपेंद्र शर्मा बताते हुए दावा करता नजर आ रहा है कि वह विधिवत विवाह के बाद अपनी पत्नी के साथ सिर्फ दो मिनट के लिए मंदिर में वरमाला की रस्म और भगवान के दर्शन करने पहुंचा था। युवक का आरोप है कि सुरक्षा कर्मियों ने बिना स्पष्ट कारण बताए उसे यह कहते हुए रोक दिया कि मंदिर परिसर में ऐसी रस्म के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक है।

ASI नियमों का हवाला

मामला इसलिए भी गरमा गया है क्योंकि मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन संरक्षित स्मारक है। मंदिर के पुजारी अनूप गिरी ने साफ किया कि मंदिर ट्रस्ट को किसी भी धार्मिक रस्म से आपत्ति नहीं है, लेकिन चूंकि यह संरक्षित स्मारक है, इसलिए किसी भी प्रकार के आयोजन, शूटिंग या विशेष अनुष्ठान के लिए संबंधित विभाग से पूर्व अनुमति अनिवार्य है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि संरक्षित स्मारकों में बिना अनुमति किसी भी प्रकार का आयोजन, शूटिंग या विशेष धार्मिक अनुष्ठान नहीं किया जा सकता। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान है।

धरोहर की सुरक्षा या भावनाओं की अनदेखी?

इधर सोशल मीडिया पर बहस दो धड़ों में बंट गई है।एक ओर जहां कुछ लोग इसे श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं,वहीं दूसरी तरफ कई लोग मानते हैं कि ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा सबसे जरूरी है, इसलिए नियमों का सख्ती से पालन होना ही चाहिए।