इजराइल ने दी सख्त चेतावनी, कहा- परमाणु बम नहीं बनने देंगे; मुजतबा खामेनेई की पहली सार्वजनिक मौजूदगी पर नजर
इजराइल ने ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देने की चेतावनी दी। वहीं नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की शोकसभा में संभावित मौजूदगी पर चर्चा तेज है।
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इजराइल ने साफ शब्दों में कहा है कि वह ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देगा। इजराइली रक्षा मंत्री ने कहा कि यदि भविष्य में ईरान का परमाणु कार्यक्रम फिर से सैन्य खतरा बनता है, तो इजराइल दोबारा हमला करने से नहीं हिचकेगा।
रक्षा मंत्री के मुताबिक, इजराइल की सुरक्षा नीति पहले जैसी ही है और देश अपनी सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान की परमाणु गतिविधियों और सैन्य तैयारियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि हालात बिगड़ते हैं तो आवश्यक कार्रवाई तुरंत की जाएगी।
हाल के महीनों में इजराइल और ईरान के बीच बढ़े तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष टकराव के बाद अब बयानबाजी भी लगातार तेज हो रही है। इजराइल का कहना है कि उसका लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है, जबकि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता रहा है।
इसी बीच ईरान में नेतृत्व परिवर्तन के बाद राजनीतिक गतिविधियां भी चर्चा में हैं। नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन उनकी संभावित सार्वजनिक मौजूदगी को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में इस विषय पर किसी भी दावे की पुष्टि नहीं की जा सकती।
विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल की नई चेतावनी केवल ईरान के लिए संदेश नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में उसकी सुरक्षा रणनीति का संकेत भी है। यदि दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर क्षेत्रीय स्थिरता, वैश्विक कूटनीति और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों देशों के अगले कदम पर नजर बनाए हुए है। कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि पश्चिम एशिया में तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
Anubhav Dubey 
