मंत्री विजयवर्गीय का बड़ा बयान: कहा- पिता PWD मिनिस्टर, बच्चों को कपड़े दिलाता है ठेकेदार

अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले मध्यप्रदेश सरकार में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ऐसा बयान दे दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

मंत्री विजयवर्गीय का बड़ा बयान: कहा- पिता PWD मिनिस्टर, बच्चों को कपड़े दिलाता है ठेकेदार

इंदौर: अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले मध्यप्रदेश सरकार में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ऐसा बयान दे दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। दरअसल, इंदौर में एक निजी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि, अगर बाप PWD मिनिस्टर है और बेटे को ठेकेदार कपड़े दिलाए तो फिर ऐसे में चरित्र निर्माण कैसे होगा।

दरअसल, कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के एक निजी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। जहां शिक्षा पर बात करते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि, वर्तमान उच्च शिक्षा से तो गुरुकुल की शिक्षा ज्यादा अच्छी थी, क्योंकि वहां सभी बच्चों को एक जैसी शिक्षा दी जाती थी। गुरुकुल में बच्चों का चरित्र निर्माण होता था, लेकिन आज के समय में बच्चा चार घंटे स्कूल में रहता है और 20 घंटे घर रहता है। घर में यदि माता-पिता बच्चे के सामने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पार्टी करेंगे तो चार घंटे में चाहे कितना भी ज्ञान की बात करो, लेकिन घर में जो वो देखेगा वही वो करेगा।

कैलाश विजयवर्गीय ने आगे कहा कि आगे कहा कि चाहे आप कितनी अच्छी शिक्षा लगा तो, लेकिन घर के अंदर अगर वातावरण ऐसा है कि पिताजी PWD मिनिस्टर हैं और कपड़े दिलाने ठेकेदार ले जा रहा है तो फिर चरित्र कहां से आएगा। उन्होंने ये भी कहा कि, सभी अपने बच्चों को इंजीनियर बनाने की बात करते हैं, डॉक्टर बनाने की बात करते हैं, सोशल वर्कर बनाने की बात करते हैं, लेकिन हमारा बेटा चरित्रवान हो और राष्ट्रभक्त हो इसके बारे में कोई बात नहीं करता।

बता दें कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों के लिए पहले भी जाने जाते रहे हैं, लेकिन सवाल यही है कि क्या वे इस तरह के उदाहरण से जनता को संदेश देते हैं या फिर सियासी तूफान खड़ा करने का काम करते हैं। फिलहाल इतना तय है कि यह बयान आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बहस का मुद्दा बना रहेगा।