तहसीलदार शिव शंकर शुक्ला पर नामांतरण के बदले प्लॉट लेने का आरोप, कार्रवाई की मांग तेज

रीवा के हुजूर तहसीलदार शिव शंकर शुक्ला पर जमीन नामांतरण के बदले प्लॉट लेने का आरोप लगा है। इसकी शिकायत लोकायुक्त में भी की गई है। मंगलवार को वकीलों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उन्हें हटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

तहसीलदार शिव शंकर शुक्ला पर नामांतरण के बदले प्लॉट लेने का आरोप, कार्रवाई की मांग तेज

रीवा के हुजूर तहसील में पदस्थ तहसीलदार शिव शंकर शुक्ला पर जमीन नामांतरण के बदले प्लॉट मांगने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि एक पीड़ित से 2400 वर्ग फीट का प्लॉट लेकर उसे अपने परिजनों के नाम रजिस्ट्री कराई गई। वहीं करहिया हल्का की पटवारी अनामिका दुबे पर भी 2500 वर्ग फीट जमीन मांगने का आरोप है। इस मामले में पटवारी प्रभाकर प्रसाद तिवारी को गवाह बनाया गया बताया जा रहा है।

मामला सामने आने के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया है। इसकी शिकायत लोकायुक्त में की गई है। अभी तक इस पर क्या कार्रवाई होगी, यह स्पष्ट नहीं है।

मंगलवार को एडवोकेट टास्क फोर्स के सदस्यों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने तहसीलदार को तुरंत न्यायालयीन कार्य से हटाने और उनके कार्यकाल में पारित सभी मामलों की निष्पक्ष जांच उच्च अधिकारियों से कराने की मांग की है।

एडवोकेट टास्क फोर्स के महासचिव श्रीप्रकाश तोमर ने आरोप लगाया कि जब से शिव शंकर शुक्ला हुजूर तहसील में पदस्थ हुए हैं, तब से बिना “दक्षिणा” दिए नामांतरण के मामले निपटाए नहीं जाते। उन्होंने कहा कि कई मामलों में पहले आपत्ति लगाकर प्रकरण खारिज किया गया और बाद में लेन-देन के आधार पर नया आदेश जारी कर दिया गया।

वकीलों का कहना है कि सरकार ने संपदा-2 के जरिए घर बैठे नामांतरण की सुविधा शुरू करने के आदेश दिए हैं, लेकिन रीवा में भ्रष्टाचार के कारण यह व्यवस्था लागू नहीं हो पा रही है। उनका आरोप है कि पटवारी से लेकर तहसीलदार तक भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और आम लोगों को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है।

                              तहसीलदार हुजूर शिव शंकर शुक्ला

अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तहसीलदार को नहीं हटाया गया तो वो मुख्यमंत्री और उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाएंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी करेंगे। इस दौरान देवदत्त द्विवेदी, विश्वनाथ सिंह खारोल, प्रभात सिंह, अविनाश पासी सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।