शिवसेना (UBT) में बड़ी टूट! संसदीय दल की बैठक में पहुंचे सिर्फ 3 सांसद, शिंदे गुट ने किया 6 सांसदों के समर्थन का दावा

शिवसेना (UBT) में बड़ी टूट की अटकलें तेज हो गई हैं। दिल्ली में हुई संसदीय दल की बैठक में सिर्फ 3 सांसद पहुंचे, जबकि शिंदे गुट ने 6 सांसदों के अपने साथ आने का दावा किया है।

शिवसेना (UBT) में बड़ी टूट! संसदीय दल की बैठक में पहुंचे सिर्फ 3 सांसद, शिंदे गुट ने किया 6 सांसदों के समर्थन का दावा

महाराष्ट्र की राजनीति से एक बार फिर टूट की खबर आ रही है. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 9 लोकसभा सांसदों में से केवल 3 सांसद ही दिल्ली में हुई संसदीय दल की बैठक में शामिल होने पहुंचे. दूसरी ओर, एकनाथ शिंदे गुट UBT के 6 सांसद उसके पाले में आ गए हैं दावा कर रहा है. और कह रहा है कि ऑपरेशन टाइगर' सफल हो चुका है.

दिल्ली में हुई शिवसेना (UBT) की संसदीय दल की बैठक में सांसद अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे शामिल हुए. जबकि पार्टी ने व्हिप जारी कर सभी मौजूद रहने का आदेश दिया था. लेकिन 6 सांसद बैठक से नदारद रहे,

बैठक के बाद सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि जो सांसद बैठक में नहीं पहुंचे हैं, उनके खिलाफ पार्टी नोटिस जारी करेगी. वहीं, राज्यसभा सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया कि पार्टी के सांसदों को "किडनैप" किया गया है. उन्होंने कहा कि जो बैठक में आया वह पार्टी के साथ है और जो नहीं आया, वह गद्दार है.

शिंदे गुट का दावा- 6 सांसद हमारे साथ

शिवसेना MLC चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया कि शिवसेना (UBT) के 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि "ऑपरेशन टाइगर" पूरा हो गया है.

सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र भेजकर शिंदे गुट में विलय की इच्छा जताई है. हालांकि, इस संबंध में अभी तक लोकसभा स्पीकर या बागी सांसदों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

पिछले तीन दिनों में तेजी से बदला घटनाक्रम

17 जून

शिंदे गुट के नेताओं ने दावा किया कि उद्धव गुट के 6 सांसदों ने अलग समूह बनाने के लिए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इसके बाद संजय राउत, अनिल देसाई और अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की.

16 जून

संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया कि सांसदों को तोड़ने के लिए 50 करोड़ तक का ऑफर दिया जा रहा है और एडवांस रकम भी दी जा रही है. वहीं, अरविंद सावंत ने स्पीकर को ईमेल भेजकर किसी भी फैसले से पहले उद्धव गुट का पक्ष सुनने की मांग की.

15 जून

राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हुई कि उद्धव गुट के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं. हालांकि उस समय संजय राउत ने इन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया था.

दल-बदल कानून में क्यों अहम है 6 सांसदों का आंकड़ा?

लोकसभा में शिवसेना (UBT) के कुल 9 सांसद हैं. दल-बदल कानून के अनुसार किसी पार्टी में टूट होने पर अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम दो-तिहाई सांसदों का समर्थन जरूरी होता है. ऐसे में यदि 9 में से 6 सांसद एक साथ अलग होने का फैसला करते हैं, तो वे खुद को वैध समूह बताने का दावा कर सकते हैं और अयोग्यता से बचने की कोशिश कर सकते हैं. यही वजह है कि 6 सांसदों की संभावित बगावत को राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

मानसून सत्र से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल

संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा में संख्या बल बढ़ाने को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के बाद अब तमिलनाडु की राजनीति पर भी नजर रखी जा रही है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि परिसीमन, महिला आरक्षण लागू करने और 'वन नेशन, वन इलेक्शन' जैसे बड़े संवैधानिक प्रस्तावों के लिए सरकार को संसद में अधिक समर्थन की आवश्यकता होगी. ऐसे में विभिन्न दलों के सांसदों के संभावित पाला बदलने की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में लगातार तेज हो रही हैं.