मऊगंज के हनुमना नगर की स्वच्छता अभियान की खुली पोल नरक से बदतर जिंदगी जीने को मजबूर लोग
मऊगंज के हनुमना नगर की स्वच्छता अभियान की खुली पोल नरक से बदतर जिंदगी जीने को मजबूर लोग। नगर परिषद के जिम्मेदार भूले जिम्मेदारी, सांसद के भी निर्देश का नहीं हुआ पालन स्वच्छता के नाम पर करोड़ों का बजट खर्च, फिर भी गंदगी का अंबार
राजेंद्र पयासी मऊगंज: स्वच्छ भारत मिशन’ के नाम पर करोड़ों फूंकने वाले हनुमना नगर परिषद की कलई वार्ड-9 ने खोल दी है। नगर का हृदय स्थल कहलाने वाला यह वार्ड आज गंदगी के साम्राज्य में तब्दील हो चुका है। हालात ऐसे कि लोगो गंदगी के कारण लोगों का जीना हराम हो चुका है, बीमारी फैलने की आशंकाएं बढ़ गई है, लेकिन नगर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी भूल चुका है।
आलम कुछ इस कदर है कि हनुमान मंदिर जाने वाला केनवा तालाब मार्ग अब नगर का सरकारी डंपिंग यार्ड बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद के सफाई कर्मचारी खुद ट्रैक्टर भर-भरकर कचरा यहां पटक देते हैं। फिर सूअर और आवारा पशुओं के झुंड उस सड़ी गंदगी को पूरे रास्ते फैलाकर महामारी को न्योता दे रहे हैं।

शौचालय का प्रदूषित पानी सड़क पर, सांस लेना भी मुश्किल
हनुमना नगर परिषद की हृदयस्थली मन्तेलाल वाली गली की तस्वीर तो और भयावह है। समाजसेवी एवं स्थानीय पत्रकार संपत दास गुप्ता ने बताया कि यहां कुछ घरों के शौचालयों प्रदूषित पानी सीधे गली में बहता है। कचरे के ढेर पर 24 घंटे सूअरों का कब्जा रहता है। गली अब खुले शौचालय में बदल चुकी है। बदबू का आलम यह कि स्कूली बच्चे नाक-मुंह बांधकर गुजरते हैं। समाजसेवी श्री गुप्त ने कहा
इसी गली में रहने वाले विट्ठलनाथ, ओपी चश्मा संचालक और केशव गुप्ता के परिवार उल्टी-दस्त, त्वचा रोग और वायरल से जूझते हुए हर हफ्ते अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। बरसात दरवाजे पर खड़ी है, पर नालियां जाम हैं। जरा सी बारिश में घरों में गंदा पानी भरना तय है।
पार्षद की फरियाद रद्दी की टोकरी में
वार्ड पार्षद अखिलेश गुप्ता ने बताया, नगर परिषद की बैठक में चिल्ला-चिल्लाकर थक गया। दर्जनों आवेदन दिए, पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी से लेकर सभी बहरे बने हैं। स्वच्छता के नाम पर सिर्फ कागज रंगे जा रहे हैं और यहां की जनता गंदगी के बीच जिंदगी गुजारने को मजबूर है।
सांसद के निर्देशों का नहीं हुआ पालन
वार्ड पार्षद ने कहा इसी साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सांसद जनार्दन मिश्रा स्वच्छता अभियान की फोटो खिंचवाने अस्पताल पहुंचे थे। लौटते वक्त हनुमना नगर परिषद के मन्तेलाल वाली गली की बदबू से नाक बंद कर जब वे मौके पर पहुंचे तो खुद बोले - असली गंदगी तो यहां है। हम अस्पताल में कागज बीनकर ढोंग कर रहे थे। काश पहले पता होता, मैं खुद फावड़ा चलाता। इस दौरान सांसद ने नगर प्रशासन को सफाई हेतु निर्देश दिए लेकिन हैरानी की बात यह है कि सांसद के निर्देशों के बाद भी नगर निकाय द्वारा न एक टोकरी कचरा उठाया गया और ना ही कस्बा वासियों को गंदगी से मुक्ति मिली।
स्थानीय लोगों ने कहा नगर परिषद चुनाव सिर पर हैं। टिकट के दावेदार गली-गली घूम रहे हैं, पर वार्ड-9 उनके लिए नो-एंट्री जोन बन चुका है। जनता पूछ रही है जब सांसद की बात का असर नहीं, तो आम आदमी की कौन सुनेगा? स्वच्छता के नाम पर हर साल करोड़ों के बिल पास हो रहे हैं, वो पैसा जा कहां रहा है? लोगों ने कहा अगर अब भी प्रशासन नहीं जागा तो वार्ड -9 की यह गंदगी आने वाले चुनाव में कई नेताओं का राजनीतिक कचरा साफ कर देगी।

