CM हाउस में प्रीतम लोधी को नसीहत: अनुशासन में रहें, विवादित बयान पर जताया खेद
भोपाल में CM मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने विधायक प्रीतम लोधी को अनुशासन में रहने की हिदायत दी. लोधी ने विवादित बयान पर खेद जताते हुए समन्वय से काम करने की बात कही.
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में हालिया विवाद के बीच विधायक प्रीतम लोधी को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सीएम हाउस में मुख्यमंत्री मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात के बाद लोधी ने अपने विवादित बयान पर खेद जताया और पार्टी लाइन पर चलने की बात कही।
CM हाउस में समझाइश, अनुशासन का संदेश
सूत्रों के मुताबिक, बंद कमरे में हुई बैठक में मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने प्रीतम लोधी को साफ संदेश दिया कि पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है। उन्हें संगठन की गरिमा बनाए रखते हुए बयानबाजी में संयम रखने की हिदायत दी गई।
बाहर आकर बोले लोधी – “मुझे खेद है”
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में प्रीतम लोधी ने कहा: मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने हमें समझाया है कि पार्टी एक पुराना संगठन है और सभी को मिलकर बेहतर तरीके से काम करना चाहिए. मुझे अपने बयान पर खेद है।” उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी भी शासन का हिस्सा हैं, इसलिए प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करना जरूरी है.
संगठन के प्रति जताई प्रतिबद्धता
लोधी ने खुद को पार्टी का पुराना कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि उनकी तीन पीढ़ियां संगठन के लिए समर्पित रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे आगे पार्टी के मार्गदर्शन के अनुसार ही काम करेंगे।
परिवार से जुड़े मामले पर भी सफाई
बेटे/परिवार से जुड़े विवाद पर लोधी ने कहा, गलती हुई थी, बेटी ने माफी भी मांग ली है। अगर मुझसे भी कुछ गलत बोला गया है तो उसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं. साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है.
विवाद के बाद डैमेज कंट्रोल
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक डैमेज कंट्रोल की कोशिश है, ताकि पार्टी की छवि पर असर न पड़े और अंदरूनी विवाद शांत किया जा सके.
shivendra 
