मेसी की हैट्रिक पर भारी पड़ा विवादित टैकल, रेफरी के फैसले पर उठे सवाल
लियोनेल मेसी की हैट्रिक के बावजूद उनके एक विवादित टैकल ने बहस छेड़ दी है. फैंस और विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं कि क्या मेसी को रेड कार्ड मिलना चाहिए था और क्या रेफरी ने उन्हें विशेष छूट दी. लियोनेल मेसी की हैट्रिक के बावजूद उनके एक विवादित टैकल ने बहस छेड़ दी है. फैंस और विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं कि क्या मेसी को रेड कार्ड मिलना चाहिए था और क्या रेफरी ने उन्हें विशेष छूट दी.
लियोनेल मेसी ने एक बार फिर अपनी शानदार खेल क्षमता का प्रदर्शन करते हुए हैट्रिक लगाई, लेकिन मैच खत्म होने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके गोलों की नहीं बल्कि एक विवादित टैकल की हो रही है। सोशल मीडिया से लेकर फुटबॉल विशेषज्ञों तक, हर जगह यह सवाल उठ रहा है कि क्या मेसी को रेड कार्ड मिलना चाहिए था और क्या रेफरी ने उन्हें विशेष छूट दी।
38 साल की उम्र में भी मेसी का जलवा
मैच की शुरुआत से ही मेसी शानदार लय में दिखाई दिए। उन्होंने न सिर्फ आक्रमण में टीम की अगुवाई की, बल्कि मिडफील्ड में भी खेल को नियंत्रित किया। पूरे मुकाबले में वह लगातार विपक्षी खिलाड़ियों पर दबाव बनाते रहे और अपनी टीम के लिए मौके तैयार करते रहे।
मेसी ने तीन गोल दागकर एक और यादगार प्रदर्शन किया। उनकी हैट्रिक की बदौलत टीम ने शानदार जीत दर्ज की और टूर्नामेंट में मजबूत शुरुआत की।
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— Sangbad Pratidin (@SangbadPratidin) June 17, 2026
मैच के 32वें मिनट में शुरू हुआ विवाद
हालांकि मैच के दौरान एक घटना ने पूरे मुकाबले का रुख बदल दिया। 32वें मिनट में मेसी ने अल्जीरिया के कप्तान ऐसा मांडी को टैकल किया। रिप्ले में दिखाई दिया कि मेसी के स्टड्स मांडी के पैर और अकिलीज़ टेंडन के आसपास लगे।
टैकल के बाद मांडी दर्द से कराहते हुए मैदान पर गिर पड़े। घटना के तुरंत बाद खिलाड़ियों ने रेफरी का ध्यान इस ओर खींचा, लेकिन रेफरी ने सिर्फ फ्री किक देकर खेल आगे बढ़ा दिया।
रेफरी ने नहीं दिखाया कोई कार्ड
पोलैंड के रेफरी सिमोन मार्सिनियाक ने इस फाउल पर न तो येलो कार्ड दिखाया और न ही रेड कार्ड। हैरानी की बात यह रही कि VAR ने भी इस घटना की विस्तृत समीक्षा जरूरी नहीं समझी।
यही फैसला अब विवाद की सबसे बड़ी वजह बन गया है। कई फुटबॉल प्रशंसकों का मानना है कि यह टैकल काफी खतरनाक था और इस पर कम से कम येलो कार्ड तो बनता ही था।
पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने उठाए सवाल
मैच के बाद कई पूर्व खिलाड़ियों और फुटबॉल विश्लेषकों ने रेफरी के फैसले पर सवाल उठाए। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह सीधे रेड कार्ड का मामला था, क्योंकि टैकल में खिलाड़ी की सुरक्षा को खतरा था।
सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने दावा किया कि अगर यही टैकल किसी दूसरे खिलाड़ी ने किया होता तो शायद फैसला अलग होता।
क्या मेसी को मिला 'स्पेशल ट्रीटमेंट'?
विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल सितारों में शामिल मेसी को रेफरी से विशेष छूट मिली?
फुटबॉल जगत में पहले भी कई बार यह बहस उठ चुकी है कि बड़े स्टार खिलाड़ियों के मामलों में रेफरी ज्यादा नरम रुख अपनाते हैं। इस घटना के बाद यह चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।
गोलों के साथ विवाद भी बना चर्चा का विषय
हालांकि मेसी ने मैदान पर शानदार प्रदर्शन किया और हैट्रिक लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाई, लेकिन मैच के बाद उनके गोलों से ज्यादा चर्चा उस टैकल की हो रही है। अब आने वाले दिनों में फुटबॉल विशेषज्ञ और प्रशंसक इस बात पर बहस करते रहेंगे कि आखिर उस टैकल पर कार्ड क्यों नहीं दिखाया गया।
shivendra 
