MLC Election Results 2026: बैलेट पेपर से चुनाव पर PM मोदी का तंज, कांग्रेस का खाता नहीं खुला; काशी हारी BJP, बिहार में 4 MLC हारे
MLC Election Results 2026 :चार राज्यों की 28 MLC सीटों के चुनाव में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी। पीएम मोदी ने बैलेट पेपर से हुए चुनाव का जिक्र कर तंज कसा। जानें यूपी, बिहार और कर्नाटक के नतीजे।
MLC Election Results 2026 : चार राज्यों की 28 विधान परिषद (MLC) सीटों के चुनाव नतीजों में कई चौंकाने वाले उलटफेर देखने को मिले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए पूछा कि बैलेट पेपर से हुए इन चुनावों में पार्टी को कितनी सीटें मिलीं। घोषित नतीजों में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी। बिहार में भाजपा के पांच बार के MLC नवल किशोर यादव समेत चार मौजूदा सदस्य चुनाव हार गए, जबकि जन सुराज ने दरभंगा शिक्षक सीट जीतकर विधान परिषद में पहली बार खाता खोला। उत्तर प्रदेश में भाजपा ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की, लेकिन वाराणसी शिक्षक सीट समाजवादी पार्टी के खाते में चली गई। कर्नाटक में भाजपा-जेडीएस गठबंधन ने सभी चार सीटें जीत लीं। महाराष्ट्र में भी मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है।
चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। चुनाव बैलेट पेपर से हुए थे और अब तक घोषित नतीजों में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी। हालांकि, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था।
PM ने कसा कांग्रेस पर तंज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार राज्यों में हुए विधान परिषद यानी MLC चुनावों के नतीजों पर कांग्रेस को घेरा है. उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में कुल 28 सीटों पर चुनाव हुए थे और इनमें कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी. पीएम मोदी ने X पर लिखा कि ये चुनाव बैलेट पेपर से हुए. कर्नाटक की चारों सीटें बीजेपी और जेडीएस गठबंधन ने जीतीं, जबकि यूपी में बीजेपी को चार और सपा को दो सीटें मिलीं.पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक जैसे चार बड़े राज्यों में 28 सीटों पर MLC चुनाव हुए. चुनाव बैलेट पेपर से हुए. अंदाजा लगाइए, कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं?”

वाराणसी में BJP को झटका, सपा ने जीती शिक्षक सीट
उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला देखने को मिला। भाजपा ने पांच सीटें जीतीं, जबकि समाजवादी पार्टी ने वाराणसी शिक्षक सीट समेत जीत दर्ज की। वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। यहां शिक्षक सीट पर सपा की जीत भाजपा के लिए झटका मानी जा रही है।
आगरा की शिक्षक सीट पर सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने भाजपा के हरि किशोर तिवारी को हराया। वहीं, झांसी स्नातक सीट पर सपा के डॉ. मान सिंह यादव की जीत की खबर भी सामने आई। गोरखपुर शिक्षक सीट पर भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी और निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव के बीच कड़ा मुकाबला रहा।
बिहार में भाजपा के दिग्गज को झटका
बिहार में चुनावी नतीजों ने सबको चौंकाया। भाजपा के पांच बार के MLC नवल किशोर यादव पटना शिक्षक सीट से चुनाव हार गए। इस सीट पर राष्ट्रीय जनता दल के संजीव कुमार यादव ने जीत दर्ज की।
वहीं, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने दरभंगा शिक्षक सीट जीतकर विधान परिषद में अपना खाता खोला। पार्टी के सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के मौजूदा MLC मदन मोहन झा को 324 वोटों से हराया। सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज ने जीत हासिल की, जबकि तिरहुत शिक्षक सीट भाजपा के खाते में गई।
कर्नाटक में भाजपा-JD(S) गठबंधन का क्लीन स्वीप
कर्नाटक की चारों विधान परिषद सीटों पर भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) गठबंधन ने जीत दर्ज की। भाजपा ने तीन सीटें बरकरार रखीं, जबकि JD(S) ने बेंगलुरु शिक्षक सीट कांग्रेस से छीन ली। राज्य में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद पार्टी इन चारों सीटों पर हार गई।
महाराष्ट्र में मतगणना जारी
महाराष्ट्र की पांच विधान परिषद सीटों पर मतगणना जारी रहने के दौरान महायुति और विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला बना हुआ था। शुरुआती रुझानों में महायुति तीन सीटों पर आगे थी, जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) दो सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी। इन सीटों के अंतिम नतीजों की पुष्टि जरूरी है।
पीएम मोदी और राहुल गांधी के लिए क्यों अहम हैं नतीजे?
इन चुनावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई। भाजपा नेताओं ने बैलेट पेपर से हुए चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलने पर राहुल गांधी और पार्टी के चुनावी दावों पर निशाना साधा।
हालांकि, इन नतीजों को सीधे लोकसभा या विधानसभा चुनावों का जनादेश नहीं माना जा सकता, क्योंकि विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों के मतदाता सीमित निर्वाचन क्षेत्रों से आते हैं। फिर भी, कर्नाटक में कांग्रेस की हार और वाराणसी में भाजपा को मिली चुनौती ने इन चुनावों को राजनीतिक रूप से चर्चा में ला दिया है।

