SIR जरूरी, आरक्षण खत्म करने का सवाल नहीं: RSS की बैठक में होसबोले ने Gen-Z, नशे और सामाजिक समानता पर रखी राय
RSS की बैठक में SIR, आरक्षण और Gen-Z पर खुलकर बोले दत्तात्रेय होसबोले, सामाजिक समानता आने तक जारी रहना चाहिए आरक्षण, युवाओं में नशे के खिलाफ देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाएगा संघ
इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की तीन दिवसीय बैठक के समापन पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर संघ का रुख स्पष्ट किया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का समर्थन करते हुए उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी बताया। वहीं Gen-Z के आंदोलनों पर युवाओं की समस्याओं को समझने की जरूरत बताई, लेकिन हिंसा और अराजकता फैलाने वाली ताकतों से सतर्क रहने की बात कही। आरक्षण पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक समानता आने तक यह व्यवस्था जारी रहनी चाहिए। इसके साथ ही युवाओं में बढ़ती नशे की लत के खिलाफ देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाने की तैयारी भी जताई।
शताब्दी वर्ष में 5 करोड़ लोगों तक पहुंचा संघ
प्रेस वार्ता में दत्तात्रेय होसबोले ने संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान हुए कार्यों और संगठन के विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश में 99 हजार 423 दैनिक शाखाएं संचालित हैं और संघ का कार्य एक लाख 3 हजार 397 स्थानों तक पहुंच चुका है। शताब्दी वर्ष के दौरान 65 हजार 664 हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए, जिनमें करीब 5 करोड़ लोगों ने भाग लिया। वहीं 10 करोड़ से अधिक परिवारों तक संपर्क किया गया।
SIR को बताया लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर होसबोले ने कहा कि मतदाता सूची का समय-समय पर शुद्धिकरण जरूरी है। मृत व्यक्तियों, दो जगह दर्ज नामों और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से हटता है तो उसके पास चुनाव आयोग और न्यायालय में शिकायत करने का विकल्प मौजूद है।
Gen-Z के गुस्से और समस्याओं को समझने की जरूरत
Gen-Z के आंदोलनों पर होसबोले ने कहा कि युवाओं के गुस्से और उनकी समस्याओं को समझना चाहिए। उनके सवालों को देशविरोधी नहीं मानना चाहिए, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के लिए युवाओं का इस्तेमाल और हिंसा फैलाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने युवाओं की भावनाओं को समझने और उनके मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत बताई।
सामाजिक समानता आने तक जारी रहना चाहिए आरक्षण
आरक्षण के मुद्दे पर सरकार्यवाह ने स्पष्ट किया कि जब तक समाज में वास्तविक सामाजिक और शैक्षणिक समानता नहीं आती, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए। उनके इस बयान को आरक्षण व्यवस्था को लेकर संघ के महत्वपूर्ण रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
नशे के खिलाफ देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाएगा संघ
युवाओं में बढ़ती ड्रग्स और नशे की लत पर चिंता जताते हुए होसबोले ने देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने बताया कि इस दिशा में सामाजिक संगठनों, एनजीओ और विभिन्न संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। अभियान के तहत युवाओं को जागरूक करने के साथ काउंसलिंग और पुनर्वास पर भी जोर दिया जाएगा।
सोशल मीडिया, पर्यावरण और महिलाओं की भागीदारी पर भी रखी बात
होसबोले ने सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने परिवार और स्कूलों में संस्कारों पर जोर देने की बात कही। पर्यावरण संरक्षण के लिए पानी और बिजली बचाने तथा प्लास्टिक का उपयोग कम करने की अपील भी की। इसके अलावा महिलाओं की भागीदारी, हिंदुत्व और विदेशों में संघ के संपर्क कार्यक्रमों पर भी अपना पक्ष रखा।
46 प्रांतों की व्यवस्था में बदलाव, 88 संभागों के आधार पर होगा काम
संगठनात्मक बदलाव की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि संघ की वर्तमान 46 प्रांतों की व्यवस्था में परिवर्तन कर 88 संभागों के आधार पर काम आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं काशी-मथुरा विवाद पर उन्होंने कहा कि न्यायालय में चल रहे मामलों को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ने देना चाहिए। हर मुद्दे पर आंदोलन करना जरूरी नहीं है।

