खातेगांव: गंभीर अनियमितताओं के चलते दिव्या नर्सिंग होम का लाइसेंस रद्द

देवास में बड़ी कार्रवाई, अनियमितता पाए जाने के बाद दिव्या नर्सिंग होम का लाइसेंस रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निरस्त

खातेगांव: गंभीर अनियमितताओं के चलते दिव्या नर्सिंग होम का लाइसेंस रद्द

देवास जिले के खातेगांव में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिव्या नर्सिंग होम का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सरोजिनी जेम्स बेक के निर्देश पर जिला स्तरीय जांच टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद की गई।

शिकायत मिलने पर नर्सिंग होम का निरीक्षण 

जानकारी के अनुसार, शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डॉ. दीपक विश्नोई द्वारा संचालित इस नर्सिंग होम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं, जिनसे स्पष्ट हुआ कि यह संस्थान जन स्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा के मानकों पर खरा नहीं उतर रहा था।

जांच में पाया गया कि नर्सिंग होम में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं थी। इसके अलावा बायो मेडिकल वेस्ट का उचित निस्तारण नहीं किया जा रहा था, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ था। ऑपरेशन थिएटर में पानी टपकने जैसी गंभीर तकनीकी खामियां भी मिलीं।

नर्सिंग होम में आईसीयू सुविधा उपलब्ध नहीं

टीम ने यह भी पाया कि नर्सिंग होम में आईसीयू सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जबकि गंभीर मरीजों के इलाज के लिए यह अत्यंत आवश्यक होती है। मरीजों के उपचार संबंधी रिकॉर्ड भी सही तरीके से संधारित नहीं किए जा रहे थे। साथ ही फायर एनओसी और विद्युत सुरक्षा प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिससे सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई। निरीक्षण के दौरान पार्किंग व्यवस्था का भी अभाव पाया गया। इन सभी कमियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निष्कर्ष निकाला कि यह नर्सिंग होम संचालन योग्य स्थिति में नहीं है।

गंभीर अनियमितताओं के आधार पर लाइसेंस रद्द

इन गंभीर अनियमितताओं के आधार पर CMHO ने दिव्या नर्सिंग होम का लाइसेंस रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया और संचालक को तत्काल प्रभाव से संचालन बंद करने के निर्देश दिए। आदेश का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त चिकित्सा संस्थानों में ही उपचार कराएँ तथा किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।