MP में निगम-मंडलों की नियुक्तियों का रास्ता साफ
मध्यप्रदेश में लंबे समय से अटकी निगम-मंडलों और विकास प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर अब बड़ा फैसला हो गया है।
भोपाल: मध्यप्रदेश में लंबे समय से अटकी निगम-मंडलों और विकास प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर अब बड़ा फैसला हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए सभी नियुक्तियां एक साथ करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश के बाद अब अलग-अलग सूचियों के बजाय एक ही जंबो लिस्ट जारी की जाएगी, जिसमें करीब 35 नेताओं को स्थान मिलने की संभावना है।
इससे पहले प्रदेश नेतृत्व की योजना थी कि विंध्य, बुंदेलखंड और महाकौशल जैसे क्षेत्रीय विकास प्राधिकरणों में चरणबद्ध तरीके से नियुक्तियां की जाएं। हालांकि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और केंद्रीय नेतृत्व की व्यस्तताओं के चलते यह प्रक्रिया लगातार टलती रही। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दावोस दौरे से लौटने के बाद अगले सप्ताह राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश के साथ होने वाली अहम बैठक में नामों को अंतिम रूप दिए जाने की तैयारी है।
राजनीतिक पुनर्वास की दौड़ में प्रदेश के सबसे वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके लंबे अनुभव और वरिष्ठता को देखते हुए उन्हें कोई अहम संवैधानिक या राजनीतिक जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वहीं पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया को राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
इन कद्दावर नेताओं को मिल सकती है कमान
इसके अलावा पन्ना से पांच बार विधायक रह चुके ब्रजेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री हरिशंकर खटीक, अजय विश्नोई और अर्चना चिटनीस जैसे कद्दावर नेताओं को भी प्रमुख निगम-मंडलों की कमान मिल सकती है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह के नाम पर भी पार्टी स्तर पर विचार किया जा रहा है।
माना जा रहा है कि पार्टी का उद्देश्य उन पूर्व विधायकों और मंत्रियों को सक्रिय भूमिका में लाना है, जो फिलहाल किसी पद पर नहीं हैं। साथ ही इस कवायद के जरिए क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने के साथ संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
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