विकास और सेवा के दो वर्ष: मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने गिनाईं अपने विभाग की उपलब्धियां

एमपी सरकार के विकास और सेवा के 2 साल पूरे होने पर उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, विभाग ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने अपने विभाग की उपलब्धियां गिनाईं।

विकास और सेवा के दो वर्ष: मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने गिनाईं अपने विभाग की उपलब्धियां
Minister Narayan Singh Kushwah

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार के विकास और सेवा के दो साल पूरे होने पर उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने गुलाब उद्यान, भोपाल में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए विभागीय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने अपने विभागों की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी।

मंत्री कुशवाहा ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश के उद्यानिकी क्षेत्र में निरंतर प्रगति हुई है। वर्तमान में प्रदेश का उद्यानिकी क्षेत्रफल बढ़कर 28.39 लाख हेक्टेयर और उत्पादन 425.68 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सूक्ष्म सिंचाई का विस्तार 57 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में किया गया है। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए 8918 प्रकरण स्वीकृत किए गए, जिससे लगभग 50 हजार लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।

2 साल में 22 हजार कृषकों-उद्यमियों को मिला प्रशिक्षण

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से साल 1982 में उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी संचालनालय की स्थापना की गई थी। साल 2005 में पृथक उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग का गठन किया गया। बीते 2 साल में 22 हजार कृषकों, उद्यमियों और युवा बेरोजगारों को राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तर पर आयोजित सेमिनारों सहित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से आधुनिक तकनीक, विपणन, मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण का प्रशिक्षण दिया गया है।

मंत्री ने बताया कि कृषि उद्योग समागम के माध्यम से मध्यप्रदेश ने देश में मसाला उत्पादन में प्रथम, पुष्प उत्पादन में द्वितीय, सब्जी उत्पादन में तृतीय तथा फल उत्पादन में चतुर्थ स्थान प्राप्त किया है। साथ ही प्रदेश की अनुकूल जलवायु को देखते हुए पहली बार मखाना उत्पादन के लिए चार जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में क्षेत्र विस्तार की योजना प्रारंभ की गई है।

दिव्यांगजनों को 2589 नियुक्ति पत्र किए गए प्रदान 

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री कुशवाहा ने बताया कि वर्तमान में 6 लाख 97 हजार 840 दिव्यांगजनों को प्रतिमाह 4 हजार 187.18 लाख रुपये की पेंशन राशि का भुगतान किया जा रहा है। विभिन्न विभागों द्वारा दिव्यांगजनों को 2589 नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। दिव्यांगजन अधिनियम 2016 के अंतर्गत खेल प्रोत्साहन लक्ष्य योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन, वृद्धाश्रम एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से बुजुर्गों को गरिमामय जीवन प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों के लिए बीपीएल पोर्टल पर सत्यापन अनिवार्य किया गया है। योजना में न्यूनतम 11 और अधिकतम 200 जोड़ों का प्रावधान है। 

मंत्री कुशवाहा ने बताया कि भारत सरकार की स्माइल योजना के अंतर्गत प्रदेश के शहरों को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत इंदौर को भिक्षावृत्ति मुक्त शहर घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचे और मध्यप्रदेश को समावेशी विकास का मॉडल राज्य बनाया जाए।