छतरपुर: तीन गांवों को जोड़ने वाली सड़क अब भी कच्ची, PMGSY की स्वीकृति के बाद भी नहीं शुरू हुआ निर्माण

छतरपुर जिले की बकस्वाहा तहसील के ग्राम सानोदा, लहरपुरा और गेवलारी को जोड़ने वाली सड़क कच्ची है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ( PMGSY) के तहत मार्ग की स्वीकृति की घोषणा के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में नाराज़गी है।

छतरपुर: तीन गांवों को जोड़ने वाली सड़क अब भी कच्ची, PMGSY की स्वीकृति के बाद भी नहीं शुरू हुआ निर्माण
PMGSY Road Construction Delay

छतरपुर। जिले की बकस्वाहा तहसील के ग्राम सानोदा, लहरपुरा और गेवलारी को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण सालों बाद भी शुरू नहीं हो सका है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत सड़क को स्वीकृति मिलने की घोषणा के बावजूद जमीनी स्तर पर अब तक कोई कार्य नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

7 किलोमीटर लंबा मार्ग आज भी कच्चा और बदहाल

डगरई तिगड्डा से लहरपुरा होते हुए गेवलारी–सानोदा तक लगभग 7 किलोमीटर लंबा यह संपर्क मार्ग आज भी कच्चा और बदहाल स्थिति में है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं और बरसात के मौसम में दो बड़े नाले उफान पर आ जाते हैं, जिससे तीनों गांवों का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। इस कारण स्कूली बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे गांव जाना मुश्किल हो जाता है, वहीं गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा पाता।

ग्रामीण छोटू मादक, हीरा, मनोज, सरपंच बाबूलाल, भूपेंद्र यादव, अजय, श्रीराम, मान सिंह, लाखन, गणेश और तुलसी सहित अन्य लोगों ने बताया कि वे बीते कई वर्षों से सड़क निर्माण को लेकर आवेदन, ज्ञापन और धरना-प्रदर्शन करते आ रहे हैं। कई बार अधिकारियों द्वारा सर्वे भी किया गया, लेकिन इसके बाद भी निर्माण की कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई।

अधिकारी जल्द निर्माण का आश्वासन देकर चले जाते हैं

लहरपुरा निवासी महेश ने आरोप लगाया कि अधिकारी मौके पर आकर फोटो खींचते हैं और जल्द निर्माण का आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। सानोदा निवासी गंगाराम ने बताया कि यह क्षेत्र हरिजन, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की बहुलता वाला इलाका है, जहां सड़क न होने से विकास पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है।

इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक राम सिया भारती ने बताया कि संबंधित सड़कें फिलहाल टेंडर प्रक्रिया में हैं और एक से डेढ़ माह के भीतर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा हो चुकी है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि अब वे केवल आश्वासनों पर भरोसा नहीं करेंगे। उनकी स्पष्ट मांग है कि डगरई तिगड्डा से लहरपुरा होते हुए गेवलारी–सानोदा तक पक्की सड़क का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाए, अन्यथा वे सामूहिक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।