चालीस वर्ष पुराने मार्ग को जेसीबी से खोदा,स्कूली बच्चों सहित ग्रामीणों का आवागमन ठप

चालीस वर्ष पुराने मार्ग को जेसीबी से खोदा, स्कूली बच्चों सहित ग्रामीणों का आवागमन ठप बरसात में बढ़ा हादसे का खतरा,ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन,राजस्व जांच और मार्ग बहाली की मांग मार्ग अवरुद्ध होने से मुदरिया पहाड़ूराम के सैकड़ों लोग परेशान

चालीस वर्ष पुराने मार्ग को जेसीबी से खोदा,स्कूली बच्चों सहित ग्रामीणों का आवागमन ठप

राजेंद्र पयासी मऊगंज: जिले के शहर से सटे ग्राम मुदरिया पहाड़ूराम में दबंगई का मामला सामने आया है। यहां कुछ तथाकथित दबंग लोगों ने जेसीबी मशीन लगाकर लगभग 40 वर्ष पुराने सार्वजनिक आम रास्ते को खोदकर गहरे गड्ढों में बदल दिया। इस करतूत से गांव के सैकड़ों ग्रामीणों का रोज का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार यह रास्ता कई दशकों से सार्वजनिक उपयोग में था। इसी मार्ग से गांव के बच्चे स्कूल जाते थे, महिलाएं बाजार और अस्पताल जाती थीं, बुजुर्ग और किसान अपने खेतों तक पहुंचते थे। लेकिन अब रास्ते को गड्ढों में तब्दील कर दिए जाने से लोगों को मजबूरन 2-3 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। 

बरसात में हालात और बिगड़े, हादसे का डर

वर्तमान में बरसात का मौसम होने के कारण खोदे गए गड्ढों में पानी भर गया है। कीचड़ और फिसलन के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों का निकलना दूभर हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बाद भी जिम्मेदार लोग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। स्थानीय समाजसेवियों का कहना है कि सार्वजनिक रास्ते को निजी स्वार्थ के लिए बंद करना न केवल गैरकानूनी है बल्कि मानवता के खिलाफ भी है। गांव के वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि आज तक इस रास्ते को लेकर कोई विवाद नहीं था, लेकिन अचानक कुछ लोगों ने अपनी मनमानी शुरू कर दी।

ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

इस मामले को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने मऊगंज कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपा है। आवेदन में उन्होंने मांग की है कि राजस्व विभाग की टीम मौके पर भेजकर वास्तविक स्थिति का परीक्षण कराया जाए और यदि रास्ते पर अवैध रूप से कब्जा या अवरोध पाया जाए तो उसे तुरंत हटाकर मार्ग को पुनः चालू कराया जाए। 
ग्रामीणों ने आवेदन में उन लोगों के नाम भी लिखे हैं जिन पर रास्ता खोदने का आरोप है। साथ ही मऊगंज थाने में भी इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस द्वारा शिकायत भी दर्ज कर ली गई है लेकिन आज तक बाधित मार्ग का आवागमन बहाल नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के साथ युक्त मार्ग पर पिछले वर्षों की तरह यथावत आवागमन बहाल कराए जाने की मांग की है।