MP: शिक्षा विभाग के सभी दफ्तर आएंगे एक छत के नीचे, प्राइवेट स्कूल के छात्र भी खरीद पाएंगे बुक फेयर से किताबें

मध्य प्रदेश सरकार के 2 साल पूरे होने पर स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भोपाल में पत्रकार वार्ता आयोजित कर विभाग का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इस दौरान मंत्री ने विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं को लेकर कई बड़े ऐलान किए।

MP: शिक्षा विभाग के सभी दफ्तर आएंगे एक छत के नीचे, प्राइवेट स्कूल के छात्र भी खरीद पाएंगे बुक फेयर से किताबें
Minister Uday Pratap Singh

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने राजधानी भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एक विस्तृत पत्रकार वार्ता आयोजित कर अपने विभाग का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में किए गए सुधारों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समान शिक्षा उपलब्ध कराना है।

प्रवेश प्रक्रिया हुई आसान, नामांकन में बढ़ोतरी

मंत्री ने बताया कि कक्षा 1, 6वीं और 9वीं में प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब कक्षा 6वीं में प्रवेश की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्रधान अध्यापक और कक्षा 9वीं में प्रवेश की जिम्मेदारी सीधे प्राचार्य को सौंपी गई है। इससे अभिभावकों को होने वाली परेशानियां कम हुई हैं और प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी है। वर्ष 2025–26 में कक्षा 1 में शासकीय विद्यालयों में नामांकन दर में पिछले वर्ष की तुलना में 32.4 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं कक्षा 9 से 12 तक नामांकन में लगभग 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

ड्रॉपआउट दर में ऐतिहासिक गिरावट

मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में ड्रॉपआउट दर में लगातार कमी आई है। खासतौर पर वर्ष 2024–25 में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 6.8 प्रतिशत से घटकर शून्य पर आ गई है। विभाग द्वारा 90 प्रतिशत से अधिक बच्चों को ट्रैक कर दोबारा स्कूलों में वापस लाया गया है, जो शिक्षा विभाग की बड़ी सफलता मानी जा रही है।

मंत्री ने बताया कि अब सभी शैक्षणिक सत्र से पहले ही किताबें और छात्राओं को साइकिल वितरित कर दी जाएंगी। पहले यह प्रक्रिया जुलाई तक पूरी होती थी, लेकिन अब इसे अप्रैल से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही बच्चों को गुणवत्तापूर्ण यूनिफॉर्म देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

शिक्षकों की भर्ती और स्मार्ट क्लास

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा 32 हजार नए शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। इसके अलावा 24 हजार पात्र शिक्षकों को पदोन्नति दी गई है और 76 हजार अतिथि शिक्षकों की जॉइनिंग कराई गई है। मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की उपलब्धता से कक्षाओं की नियमितता और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

रिपोर्ट कार्ड के अनुसार, प्रदेश के 24 प्रतिशत मिडिल स्कूल, 100 प्रतिशत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और 84 प्रतिशत हायर सेकेंडरी स्कूल स्मार्ट क्लास में तब्दील किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 3,367 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू की गई है, जिससे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा मिल रही है।

लैपटॉप, स्कूटी और छात्रावास व्यवस्था

मंत्री ने बताया कि इस वर्ष 94,300 छात्रों को लैपटॉप और 7,800 छात्राओं को स्कूटी वितरित की गई है। इसके अलावा 68 हजार बच्चों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया, जिससे छात्र-छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ा है।

प्रदेश के छात्रावासों के प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। इससे छात्रों की उपस्थिति, सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी आसान हुई है। मंत्री ने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रावासों की गुणवत्ता में सुधार होगा।

22 मंजिला भवन का किया जाएगा निर्माण

मंत्री उदय प्रताप सिंह ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि शिक्षा विभाग के सभी कार्यालयों को एक ही छत के नीचे लाने के लिए 22 मंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा। इस भवन में लोक शिक्षण संचालनालय, माध्यमिक शिक्षा मंडल और राज्य शिक्षा केंद्र सहित सभी कार्यालय शिफ्ट किए जाएंगे। अगर ये योजना सफल हुई तो मध्य प्रदेश की सबसे ऊंची बिल्डिंग भोपाल में बनेगी।

मॉडल स्कूल, नई शिक्षा नीति और बुक फेयर 

मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 275 संदापिनी विद्यालय और 799 पीएम श्री विद्यालयों को नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें आधुनिक सुविधाओं, नवाचार और कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राजगढ़-नरसिंहपुर में आदि शंकराचार्य गुरुकुल बनेगा, जहां वेद और संस्कृत पढ़ाएंगे।

प्रवेश उत्सव के माध्यम से एडमिशन में आंशिक रूप से वृद्धि हुई है और 100 फीसदी किताबें स्कूलों तक पहुंचाई गई हैं। इसके अलावा अब प्रदेश के हर विकासखंड में बुक फेयर आयोजित किए जाएंगे, जहां शासकीय और निजी स्कूलों के छात्र कम दरों पर किताबें खरीद सकेंगे। कक्षा 6 से 9 तक के शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को निशुल्क पुस्तकें भी दी जाएंगी।

मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आंकड़ों में सुधार नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के भविष्य को मजबूत करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से मध्य प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे।

परिवहन विभाग में ऑनलाइन सेवाओं से सुविधा आसान

परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बताया कि वर्ष 2003–2004 में बंद हुई परिवहन सेवा को पुनः प्रारंभ करने के लिए एक राज्यस्तरीय कंपनी का गठन किया गया है। इस कंपनी का नाम मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) है। इस योजना के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया जाएगा, जिसके माध्यम से दूर-दराज़ के गांवों तक बस सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। यह व्यवस्था पीपीपी (PPP) मॉडल पर आधारित होगी।

यातायात सर्वेक्षण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है, जबकि इंदौर और उज्जैन में सर्वे का कार्य जारी है। प्रयास है कि अप्रैल, मई या जून तक लगभग 20 वर्षों बाद इस महत्वपूर्ण सेवा को पुनः शुरू किया जा सके। बसों की ट्रैकिंग की जाएगी, किराए पर सरकार का नियंत्रण रहेगा और बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। महिला और बच्चों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

परिवहन विभाग की प्रक्रियाओं को सरल बनाने और आम जनता को अधिक सुविधा प्रदान करने के लिए पंजीयन, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस जैसी सेवाओं को एनआईसी (NIC) के पोर्टल से जोड़ा गया है। अब आवेदक कहीं से भी ऑनलाइन माध्यम से इन सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा, पुराने वाहनों के लिए स्क्रैप पॉलिसी लागू की गई है, जिसके तहत 50 प्रतिशत तक टैक्स में छूट दी जाएगी। सड़क हादसों में कमी लाने के उद्देश्य से ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र भी खोले जाएंगे।