MP के रायसेन में बच्ची से रेप के आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर
MP के रायसेन में बच्ची से रेप के आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर कस्टडी से भागने की कोशिश कर रहा था, पुलिस ने पैर में गोली मारी, अस्पताल में भर्ती
मध्य प्रदेश के औबेदुल्लागंज में 27 नवंबर की रात पुलिस ने रेप के आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर किया। इस दौरान आरोपी के पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे के मुताबिक रायसेन जिले के गौहरगंज में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी सलमान को 27 नवंबर को भोपाल से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद जब उसे गौहरगंज ले जाया जा रहा था, इस दौरान पुलिस की गाड़ी औबेदुल्लागंज क्षेत्र के जंगल में पंक्चर हो गई। रात करीब 3-4 बजे के बीच आरोपी को दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया जा रहा था, तभी उसने एसआई श्यामराज सिंह की बंदूक छीनकर फायर करने और भागने की कोशिश की। उसे रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई की और पैर पर गोली चलाई, जिससे वह घायल हो गया।
आरोपी सलमान ने 21 नवंबर को रायसेन जिले के गौहरगंज में 6 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म करने के बाद से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोग काफी उग्र प्रदर्शन कर रहे थे।
6 दिन बाद भोपाल से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस ने घटना के 6 दिन बाद 27 नवंबर की रात आरोपी सलमान को गांधी नगर इलाके में एक चाय की दुकान से गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे गौहरगंज पुलिस के हवाले किया गया। गौहरगंज पुलिस उसे लेकर रात में ही रवाना हो गई थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जंगलों के रास्ते पैदल ही भोपाल में दाखिल हुआ था और गांधीनगर इलाके में छिपा हुआ था। सलमान के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही जय मां भवानी हिंदू संगठन के कार्यकर्ता थाने पहुंचे थे, लेकिन उससे पहले ही आरोपी को गौहरगंज पुलिस को सौंपा जा चुका था।

जहां शॉर्ट एनकाउंटर हुआ, वहां से गोली के खोखे मिले।

पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है।
21 नवंबरः बच्ची को चॉकलेट के बहाने जंगल ले जाकर किय़ा था दुष्कर्म
21 नवंबर की शाम 6 साल की बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। 23 वर्षीय आरोपी सलमान उसे चॉकलेट दिलाने के बहाने जंगल की ओर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म कर मौके से फरार हो गया था। बच्ची बाद में रोती हुई जंगल में मिली थी। बच्ची को इलाज के लिए भोपाल अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उसकी हालत में सुधार हो रहा है। पुलिस ने आरोपी पर 30 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था।

इसी गाड़ी से पुलिस आरोपी को ले जा रही थी।
मासूम से रेप के आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हो रहे धरना प्रदर्शनों पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 26 नवंबर को पीएचक्यू में सीएस, डीजीपी, एडीजी इंटेलिजेंस, पुलिस कमिश्नर भोपाल समेत उच्च अधिकारियों की बैठक ली थी। CM ने आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाखुशी जताई थी। साथ ही चक्काजाम पर पुलिस की ढीली कार्रवाई से भी नाराजगी व्यक्त की थी। सीएम ने तत्काल प्रभाव से रायसेन एसपी पंकज पांडेय को हटाकर मुख्यालय अटैच करने का निर्देश दिया था। उनकी जगह आशुतोष को रायसेन का नया एसपी बनाया गया।

मां का दर्द, मेरी बच्ची के गाल थप्पड़ों से सूज गए थे
पीड़िता की मां ने बताया कि उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं, और पीड़िता उनकी सबसे छोटी और लाड़ली बेटी है, जो दूसरी कक्षा में पढ़ती है। आरोपी सलमान को उनके बच्चे पहले से जानते थे, क्योंकि वह अक्सर घर के पास आता-जाता था और टॉफियां लाता था। उस रात का खौफनाक मंजर याद करते हुए मां ने बताया, 'बच्ची के साथ बहुत मारपीट भी की गई थी। उसके दोनों गाल इतने लाल और सूज गए थे, मानो किसी ने उसे बार-बार और बहुत जोर से थप्पड़ मारे हों। उसके दोनों घुटनों और हाथों पर गहरे चोट और छिलने के निशान थे। यहां तक कि उसकी कमर भी बुरी तरह छिल गई थी।'
मां ने बताया कि सबसे भयानक चोटें उसके निजी अंगों पर थीं, जो इतनी गंभीर थीं कि डॉक्टरों को तुरंत कई सर्जरी करनी पड़ीं। उन्होंने कहा, 'जब उसे एम्स लाया गया, तब तक वह बेहोश थी, पर अब सर्जरी के बाद उसे होश आ गया है, वो बात कर पा रही है। पर अभी भी उसे कई दिन तक अस्पताल में रखा जाएगा।

बच्ची के साथ हुई दरिंदगी का विरोध करने लोग सड़क पर उतरे।
सर्जरी के बाद कॉम्पलिकेशन
डॉक्टरों ने लड़की की सर्जरी की। उसका इलाज करने वाले डॉक्टर्स ने बताया कि उसके प्राइवेट पार्ट बुरी तरह क्षतिग्रस्त थे। डॉक्टरों को मजबूरन प्राइवेट पार्ट तक जाने वाली नसों को बायपास करके नई व्यवस्था तैयार करनी पड़ी, ताकि मोशन पास हो सके, प्राइवेट पार्ट की हीलिंग शुरू हो सके। बच्ची फिलहाल आईसीयू में है और बातचीत कर पा रही है। पूरी हीलिंग के बाद उसकी एक और सर्जरी होगी। डॉक्टरों का कहना है कि वह उसे अभी तक इसलिए डिस्चार्ज नहीं कर रहे है क्योंकि इन्फेक्शन फैलने का डर है। पूरी रिकवरी में कम से कम छह महीने लगेंगे। इसके बाद भी उसके पूरी तरह सामान्य होने को लेकर डॉक्टर आशंकित हैं।

