India-US ट्रेड डील के खिलाफ कांग्रेस का बिगुल, 24 फरवरी से भोपाल से शुरू होगा देशव्यापी किसान आंदोलन

कांग्रेस देशभर में भारत–अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ करेगी किसान सम्मेलन, 24 फरवरी से भोपाल से होगी आंदोलन की शुरुआत

India-US ट्रेड डील के खिलाफ कांग्रेस का बिगुल, 24 फरवरी से भोपाल से शुरू होगा देशव्यापी किसान आंदोलन

भोपाल। भारत–अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस ने देशव्यापी किसान आंदोलन की घोषणा कर दी है। इसकी शुरुआत 24 फरवरी को भोपाल से किसान महापंचायत के साथ होगी। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, भोपाल में आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्र सरकार पर किसानों के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया। प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक और संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे भी मौजूद रहे।

ट्रेड डील से आत्मनिर्भरता पर खतरा – हरीश चौधरी

प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि 1965 और 1971 के दौर में जब अमेरिका ने खाद्यान्न आपूर्ति रोकी थी, तब देश को गंभीर संकट का सामना करना पड़ा था। बाद में हरित क्रांति के जरिए भारत ने आत्मनिर्भरता हासिल की। उन्होंने आशंका जताई कि प्रस्तावित ट्रेड डील देश को फिर से निर्भरता की ओर धकेल सकती है।

उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका से बड़े पैमाने पर सोयाबीन और कपास का आयात होता है, तो देश के किसानों और छोटे व्यापारियों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा। भारत कपास और कई कृषि उत्पादों में आत्मनिर्भर है, ऐसे में आयात की जरूरत क्या है? चौधरी ने आरोप लगाया कि यह डील भारत द्वारा अमेरिका के सामने “सरेंडर” है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या यह समझौता किसी बाहरी दबाव में किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस डील से लाखों छोटे उद्योग-धंधे भी प्रभावित होंगे। कांग्रेस 24 फरवरी से जन-जागृति अभियान और आंदोलन की शुरुआत करेगी।

यह भारत-अमेरिका नहीं, नरेंद्र सरेंडर डील – जीतू पटवारी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भारत की रीढ़ खेती है और आजादी के बाद कभी भी विदेशी ताकतों को कृषि क्षेत्र में खुली छूट नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार लगातार कृषि क्षेत्र को विदेशी शक्तियों के हवाले करने की तैयारी कर रही है।

पटवारी ने कहा कि यह समझौता किसानों का अपमान है। उन्होंने इसे “नरेंद्र सरेंडर डील” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों के हितों को गिरवी रख दिया है। उनका कहना था कि देश में एक भी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ठीक से नहीं बिक रही, जबकि सरकार विदेशी आयात को बढ़ावा देने में लगी है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के किसान चुप नहीं बैठेंगे। आंदोलन की शुरुआत बुधनी में किसान चौपाल से होगी और विदिशा से किसान संवाद पदयात्रा निकाली जाएगी। पटवारी ने दावा किया कि ट्रेड डील के कारण कपास के दाम में भारी गिरावट आई है और सोयाबीन किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में औसतन 400 एकड़ भूमि वाले किसान हैं, जबकि भारत में अधिकांश किसान एक-दो एकड़ के छोटे किसान हैं। ऐसे में प्रतिस्पर्धा असमान है।

डील के पीछे संदिग्ध कारण – उमंग सिंघार

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह ट्रेड डील देशहित में नहीं है और इसके पीछे कई संदिग्ध कारण हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका खुले तौर पर पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है और ऐसे में भारत को सावधानी बरतनी चाहिए। सिंघार ने कहा कि जब देश के किसान अभी पूरी तरह सम्पन्न नहीं हुए हैं, तब विदेशी उत्पादों को बाजार में उतारना किसानों के साथ अन्याय है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश कपास, दलहन और डेयरी उत्पादों में आत्मनिर्भर है, तो आयात की क्या आवश्यकता है? उनके अनुसार यह डील भारतीय किसानों को कम दाम पर उपज बेचने के लिए मजबूर करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जाएगा।

24 फरवरी को भोपाल में किसान महापंचायत

कांग्रेस ने घोषणा की कि 24 फरवरी को भोपाल में विशाल किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी। इस महापंचायत में राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के शामिल होने की संभावना है। पार्टी का दावा है कि हजारों किसान इसमें भाग लेंगे और केंद्र सरकार की कथित किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाएंगे।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसान सम्मान निधि के जरिए पर्याप्त सहायता नहीं दे पा रही है, जबकि विदेशी समझौतों के माध्यम से अमेरिकी किसानों को अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने की नीति अपना रही है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी और किसानों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी।

प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के अनुसार, भोपाल से शुरू होने वाला यह आंदोलन देशभर में फैलाया जाएगा। विभिन्न जिलों में किसान सभाएं, चौपाल, पदयात्राएं और जन-जागरण अभियान चलाए जाएंगे। कांग्रेस का कहना है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक आंदोलन नहीं, बल्कि किसानों के अस्तित्व और आत्मसम्मान की लड़ाई है।