मप्र में विकास प्राधिकरणों के अध्यक्षों की सूची लगभग तैयार, कभी भी हो सकती है घोषणा
प्राधिकरणों में नियुक्तियों की हलचल तेज। भोपाल-इंदौर में नामों पर मंथन जारी। कई बड़े चेहरों को मिल सकती है जिम्मेदारी।
मध्यप्रदेश में विकास प्राधिकरणों के अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, कई नामों पर सहमति बन चुकी है और किसी भी समय आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। खास बात यह है कि इस बार प्राधिकरणों में अध्यक्षों के साथ एक या दो उपाध्यक्षों की नियुक्ति भी की जा सकती है, जिससे संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश होगी।
राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का भी पूरा ख्याल रखा गया है। कई ऐसे नाम सामने आए हैं जो लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं और अब उन्हें जिम्मेदारी दिए जाने की तैयारी है।
संभावित अध्यक्षों के नाम-
- देवास विकास प्राधिकरण – बहादुर सिंह मुकाती
- जबलपुर विकास प्राधिकरण – संदीप जैन
- ग्वालियर विकास प्राधिकरण – मधुसूदन भदौरिया
- उज्जैन विकास प्राधिकरण – रवि सोलंकी
- रतलाम विकास प्राधिकरण – मनोज पोरवाल
- कटनी विकास प्राधिकरण – शशांक श्रीवास्तव
- ओरछा विकास प्राधिकरण – अखिलेश अयाची
- विंध्य विकास प्राधिकरण – पंचूलाल प्रजापति
- भोपाल विकास प्राधिकरण – नाम को लेकर सस्पेंस
- इंदौर विकास प्राधिकरण – नाम को लेकर सस्पेंस
निगम-मंडलों में भी जल्द नियुक्ति
इसके अलावा निगम-मंडलों में भी राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। करीब 20 से ज्यादा नामों पर सहमति बन चुकी है। ग्वालियर विकास प्राधिकरण में मधुसूदन भदौरिया का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जबकि उपाध्यक्ष के लिए सुधीर गुप्ता और वेदप्रकाश शिवहरे के नाम चर्चा में हैं। मप्र नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष के रूप में पूर्व सांसद केपी यादव का नाम सामने आया है, वहीं उपाध्यक्ष के लिए संजीव कांकर का नाम चल रहा है।
अन्य अहम नियुक्तियां और अटके फैसले
सूत्रों के अनुसार, विंध्य विकास प्राधिकरण में पंचूलाल प्रजापति, अपैक्स बैंक में महेंद्र सिंह यादव और वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन में संजय नगाइच के नाम भी लगभग तय माने जा रहे हैं। वहीं कुछ नियुक्तियां पहले ही घोषित हो चुकी हैं। हालांकि, भोपाल और इंदौर विकास प्राधिकरण को लेकर स्थिति साफ नहीं है। इन दोनों बड़े शहरों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों को लेकर शीर्ष नेतृत्व के बीच अभी भी मंथन जारी है, जिसके चलते फिलहाल इन नियुक्तियों को होल्ड पर रखा गया है।
Varsha Shrivastava 
