धीरेंद्र शास्त्री vs अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति: 80 लाख रुपये की चुनौती स्वीकार, बोले- खुजली हो तो दरबार आ जाए

Dhirendra Krishna Shastri ने Shyam Manav की 80 लाख की चुनौती स्वीकार की। 10 लोगों की जानकारी और वस्तुओं की पहचान की परीक्षा होगी। नागपुर में आस्था और अंधविश्वास पर विवाद तेज हो गया है।

धीरेंद्र शास्त्री vs अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति: 80 लाख रुपये की चुनौती स्वीकार, बोले- खुजली हो तो दरबार आ जाए

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) ने महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के संस्थापक श्याम मानव द्वारा दी गई 80 लाख रुपये की चुनौती को स्वीकार कर लिया है। नागपुर के रेशम बाग में 26 से 30 अप्रैल तक चल रही श्री राम कथा के दौरान बाबा ने मंगलवार को मंच से साफ कहा, “जिसे खुजली हो, दरबार आ जाए।” उन्होंने कहा कि अपनी विद्या और ईश्वरीय शक्ति का पूरा प्रस्तुतिकरण करेंगे। बाबा ने जोर देकर कहा कि वे जादूगर नहीं हैं, बल्कि ईश्वर की प्रेरणा से लोगों का मार्गदर्शन करते हैं।



क्या है श्याम मानव की चुनौती..
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के श्याम मानव ने धीरेंद्र शास्त्री को दो कठिन परीक्षाएं देने की चुनौती दी है-
10 लोगों की डिटेल बताना:
10 लोगों के नाम, पिता का नाम, उम्र और मोबाइल नंबर सटीक बताना होगा।
बंद कमरे में रखी 10 वस्तुओं की पहचान:
अतींद्रिय शक्ति (Extra Sensory Perception) के जरिए बंद कमरे में रखी गई 10 वस्तुओं को पहचानना होगा।

दोनों परीक्षाओं में कम से कम 90 प्रतिशत सटीकता अनिवार्य रखी गई है। पूरी प्रक्रिया नागपुर में पत्रकारों की मौजूदगी में होगी। श्याम मानव ने कहा कि यदि बाबा दोनों परीक्षाओं में सफल होते हैं तो वे 80 लाख रुपये देने को तैयार हैं। अगर असफल रहे तो इसे लोगों की आस्था और भावनाओं का शोषण माना जाएगा। श्याम मानव ने कहा, अगर सब कुछ सही रहा तो हम हार मान लेंगे और चुप हो जाएंगे।

पुराना विवाद फिर गरमा गया..

यह विवाद नया नहीं है। जनवरी 2023 में भी नागपुर में श्याम मानव ने धीरेंद्र शास्त्री को 30 लाख रुपये की चुनौती दी थी। उस समय आरोप लगा था कि बाबा दो दिन पहले कथा छोड़कर चले गए थे, जिसे बाबा पक्ष ने खारिज कर दिया था। तीन साल पहले श्याम मानव ने बागेश्वर सरकार के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि धीरेंद्र शास्त्री अंधविश्वास फैला रहे हैं। हालांकि, नागपुर पुलिस ने जांच के बाद कहा था कि वीडियो में ऐसा कोई आपत्तिजनक बयान नहीं मिला जिससे अंधविश्वास फैलता हो। इसके बाद बाबा ने कहा था कि सनातन धर्म का प्रचार अंधविश्वास नहीं है।


नागपुर में माहौल गरम..
वर्तमान विवाद के कारण नागपुर का माहौल काफी गरमा हुआ है। एक तरफ बाबा की राम कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, वहीं कुछ संगठन पुराने बयानों को लेकर उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने चुनौती स्वीकार करते हुए कहा, हमारे पास जो विद्या है और जो शक्ति है, हम उसका प्रदर्शन करेंगे। ईश्वर जो प्रेरणा देगा, उसी के अनुसार काम करेंगे।



क्या होगा आगे..
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों पक्षों के बीच यह परीक्षा कब और कैसे आयोजित होगी। श्याम मानव की समिति परीक्षा की तारीख और प्रक्रिया तय करने के लिए जल्द ही औपचारिक पत्र भेजने वाली है। यह मामला आस्था, अध्यात्म, विज्ञान और अंधश्रद्धा के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। बाबा बागेश्वर के लाखों अनुयायी उन्हें दिव्य शक्तियों से संपन्न मानते हैं, जबकि आलोचक इसे चमत्कार के नाम पर अंधविश्वास का प्रचार बताते हैं।