NABARD की बड़ी सौगात : MP में 2,606 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी, 1.70 लाख किसानों को लाभ
NABARD Irrigation Projects : राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ने ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास निधि (RIDF-XXXII) के अंतर्गत मध्य प्रदेश में दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
NABARD Irrigation Projects : भोपाल। मध्य प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने के लिए नाबार्ड ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक ने RIDF-XXXII के तहत राज्य की दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,606.04 करोड़ रुपये की ऋण सहायता मंजूर की है। इन परियोजनाओं से कई जिलों के किसानों को फायदा मिलेगा। इससे खेती का रकबा बढ़ाने और पानी की उपलब्धता सुधारने में मदद मिलेगी।
धार के 247 गांवों को मिलेगा लाभ
पहली परियोजना धार जिले की कुक्षी माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना है। इसके लिए 1,500 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस योजना के तहत कुक्षी, मनावर, गंधवानी और दही तहसीलों के 247 गांवों में 75 हजार हेक्टेयर जमीन को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे करीब 1.40 लाख किसान लाभान्वित होंगे। किसानों को खेती के लिए पानी की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
तीन जिलों में सिंचाई के साथ बिजली उत्पादन
दूसरी परियोजना चिंकी-बोरास बैराज संयुक्त बहुउद्देशीय परियोजना के तीसरे चरण से जुड़ी है। इसके लिए 1,106.04 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। इससे नरसिंहपुर, रायसेन और नर्मदापुरम के 145 गांवों में 50,977 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। करीब 30,618 किसानों को इसका लाभ होगा। परियोजना में 25 मेगावाट क्षमता का चिंकी जलविद्युत गृह भी बनाया जाएगा।
खेती और ग्रामीण विकास को मिलेगी गति
इन दोनों योजनाओं से कृषि उत्पादन बढ़ाने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही पानी का बेहतर उपयोग होगा। सूखे और अनियमित बारिश के समय किसानों को राहत मिल सकती है।
MP में नाबार्ड का बड़ा योगदान
नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सी. सरस्वती ने बताया कि राज्य में RIDF के तहत अब तक 47,749 करोड़ रुपये की ऋण सहायता मंजूर की गई है। इसमें से 38,624 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। नाबार्ड का उद्देश्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और सतत विकास को बढ़ावा देना है।

