भोपाल में सफाईकर्मियों का प्रदर्शन: 25 हजार वेतन और नियमितीकरण की मांग, कल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

20-25 साल से काम कर रहे, फिर भी नियमित नहीं हुए सफाईकर्मी: राजधानी भोपाल में चक्काजाम, बोले- मांगें नहीं मानीं तो कचरा गाड़ियां होंगी बंद

भोपाल में सफाईकर्मियों का प्रदर्शन: 25 हजार वेतन और नियमितीकरण की मांग, कल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

भोपाल। राजधानी में अपनी मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस और कर्मचारी संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में सफाईकर्मियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की प्रमुख मांग विनियमित कर्मचारियों को नियमित करने और 29 दिवसीय दैनिक वेतन भोगियों को नियमित करने या 25 हजार रुपए मासिक वेतन देने की है।

कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 20 से 25 साल से लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें नियमित नहीं किया गया। कई बार सरकार और प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।

25 हजार वेतन, नियमितीकरण की मांग

प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से नगर निकायों और अन्य संस्थानों में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। विनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जाए और 29 दिवसीय दैनिक वेतन भोगियों को या तो नियमित किया जाए या उन्हें कम से कम 25 हजार रुपए मासिक वेतन दिया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा वेतन में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है।

प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष अनिल श्रवण सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने बैनर और नारों के जरिए अपनी मांगें उठाईं। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारियों की समस्याओं पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

पार्क में धरना, चौराहे पर चक्काजाम

मांगों को लेकर कर्मचारियों ने सुबह करीब 9 बजे शाहजहांनी पार्क में धरना शुरू किया। वे मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन उनका आरोप है कि शाम तक कोई जिम्मेदार अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा। इससे नाराज कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की रणनीति बनाई।

पुलिस ने शाहजहांनी पार्क से आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। हालांकि, कर्मचारी बैरिकेडिंग हटाकर तलैया थाने के सामने से होते हुए जहांगीराबाद चौराहे पर पहुंच गए। यहां पुलिस ने दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद कर्मचारी सड़क पर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया।

प्रदेश के कई जिलों से पहुंचे कर्मचारी

यह प्रदर्शन अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के बैनर तले भी आयोजित किया गया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि प्रदेशव्यापी आंदोलन में राजधानी भोपाल के अलावा विभिन्न जिलों से हजारों सफाई कर्मचारी और अन्य कर्मचारी वर्ग शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि वेतन वृद्धि, नियमितीकरण सहित अन्य मांगें लंबे समय से लंबित हैं। सरकार की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।

4 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल 

प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने चेतावनी दी कि यदि सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 4 नवंबर से प्रदेश के सभी निकायों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। कर्मचारियों का कहना है कि वे अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अपनी मांगों का ठोस निराकरण चाहते हैं।

चक्काजाम से शहर में लगा जाम

जहांगीराबाद चौराहे पर सफाईकर्मियों के चक्काजाम के कारण यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। इसके चलते पुलिस कंट्रोल रूम के सामने, पुराने शहर सहित कई इलाकों में जाम की स्थिति बनी और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

वहीं, प्रदर्शन से पहले सरकारी कचरा गाड़ियों पर लगे लाउडस्पीकर के जरिए आंदोलन का प्रचार किए जाने की शिकायत भी नगर निगम अधिकारियों तक पहुंची है। बताया गया कि यूनियन की ओर से हड़ताल और प्रदर्शन की जानकारी प्रसारित की गई थी। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन सफाईकर्मियों की मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं।