राहुल गांधी ने निभाया वादा: दिल्ली में कराया बड़वानी की प्रियंका सेंगर की आंखों का इलाज
राहुल गांधी ने इंदौर के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में किया वादा पूरा किया। बड़वानी की प्रियंका सेंगर दिल्ली में आंखों का इलाज कराकर इंदौर लौटीं।
इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने बड़वानी की प्रियंका सेंगर की आंखो का इलाज का वादा किया था.राहुल गांधी ने उस वादे को पूरा करते हुए प्रियंका सेंगर का इलाज कराया है. प्रियंका दिल्ली से अपनी आँखों का इलाज कराकर इंदौर लौटी है।
'छात्रों की गूंज' पर राहुल का वादा
19 सितंबर को 'छात्रों की गूंज' कार्यकम के दौरान जिन विद्यार्थी ने मंच पर राहुल गांधी से बात की थी, प्रियंका उन्हीं में से एक है। प्रियंका की एक आँख खराब थी. जब राहुल ने इस बारे में पूछा तब प्रियंका ने बचपन में हुए हादसे का जिक्र कर एक आँख खराब होने की बात बताई थी और कहा था कि पैसों के अभाव में इलाज नहीं करवा पा रही है।
आपको याद होगा इंदौर के ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम का वह पल, जब छात्रा प्रियंका सेंगर ने @RahulGandhi जी को अपनी आँखों की तकलीफ़ बताई थी। बचपन में आँख में चूना गिरने से उनकी आँख खराब हो गई थी। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि उनका इलाज करा सके। लेकिन राहुल गांधी अपना वादा नहीं भूले। उन्होंने प्रियंका को दिल्ली बुलाया और उनके इलाज की व्यवस्था कराई। आज जब प्रियंका स्वस्थ होकर पहली बार हवाई जहाज़ से अपने घर लौट रही हैं, तो यह सिर्फ एक लड़की की खुशी नहीं, बल्कि इंसानियत, संवेदनशीलता और भरोसे की एक खूबसूरत तस्वीर है। ❤️ राजनीति में वादे तो बहुत होते हैं, लेकिन किसी की तकलीफ़ को याद रखकर उसे दूर करना ही असली संवेदनशीलता है। प्रियंका की मुस्कान ही उस भरोसे का जवाब है, जो राहुल गांधी ने जगाया है। ????????❤️
— Jagdish Singh (@Jagdishsinghuk) November 3, 2026
इसके बाद राहुल ने मंच पर ही कहा था, वह दिल्ली में उनका इलाज कराएंगे। पिछले महीने राहुल गांधी की टीम ने प्रियंका और उसके परिजनों से संपर्क किया और उन्हें दिल्ली इलाज के लिए बुलाया। दिल्ली में प्रियंका की आँखों का इलाज हो चुका है और पहले की तुलना में उसकी आँखों की दृश्यता बेहतर हुई है। इसके बाद वह दिल्ली से फ्लाइट से इंदौर लौटी।
तीन साल की उम्र में खो दी थी आंखे
प्रियंका जब तीन साल की थी, तब उनकी आँखों में चूना चला गया था। इससे एक आँख खराब हो गई थी और दिखाना भी बंद हो गया था। प्रियंका ने बताया था कि एक ऑपरेशन तो हो चुका है, लेकिन दूसरे ऑपरेशन के लिए माता-पिता के पास पैसे नहीं थे। इस कारण आगे का इलाज नहीं हो सका।
राहुल ने प्रियंका को इलाज का भरोसा दिलाया। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रियंका के माता-पिता से फोन पर चर्चा की थी और इलाज का भरोसा दिलाया। फिर कांग्रेस नेताओं ने प्रियंका को दिल्ली पहुँचाया। इलाज से पहले राहुल की टीम ने अब तक हुए आँखों के इलाज की जानकारी मांगी थी।

