7 करोड़ की संपत्ति के आरोपों में घिरा कलेक्ट्रेट का प्यून: 17 लाख के प्लॉट विवाद से भी जुड़ा नाम

इंदौर कलेक्ट्रेट में चतुर्थ श्रेणी के चेनमैन कैलाशचंद पालीवाल के खिलाफ लोकायुक्त में आय से अधिक संपत्ति की शिकायत हुई है। प्लॉट विवाद भी आया सामने।

7 करोड़ की संपत्ति के आरोपों में घिरा कलेक्ट्रेट का प्यून: 17 लाख के प्लॉट विवाद से भी जुड़ा नाम

Indore Collectorate News : इंदौर कलेक्ट्रेट में चतुर्थ श्रेणी के अटेंडेंट/चेनमैन कैलाशचंद पालीवाल का आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आया है। उनके खिलाफ लोकायुक्त में  लिखित शिकायत की गई है। शिकायत में पालीवाल और उनके परिजनों के नाम पर कई संपत्तियां होने की जानकारी दी गई है। इन सभी संपत्तियों की बाजार कीमत 7 करोड़ रुपए से ज्यादा की बताई गई है। इसके पहले पालीवाल का अगस्त में एक वीडियो भी सामने आया था जो करीब17 लाख के प्लॉट की हेराफेरी के विवाद से जुड़ा था। इस मामले में विभागीय जांच जारी है।

शिकायत में क्या कहा गया? 

शिकायत में बताया गया कि, पालीवाल का अलकापुरी मूसाखेड़ी में एक मकान है। मूसाखेड़ी के मयूर नगर में भी उनका मकान है। इसके अलावा टावर चौराहे पर करीब दो करोड़ रुपए की दुकान है। छत्रीबाग में भी उनकी संपत्ति है। वहीं, राजस्थान के राजसमंद में एक पुश्तैनी मकान है। उनके पास एक चार पहिया वाहन और बुलेट भी है। शिकायत में इन अचल संपत्तियों की कुल बाजार कीमत सात करोड़ रुपए से ज्यादा बताई गई है।

17 लाख के प्लॉट की हेराफेरी का आरोप 

अगस्त 2026 में इंदौर के पंचमूर्ति नगर निवासी मनोज पिता बंशीलाल शर्मा ने कैलाश पालीवाल के खिलाफ कलेक्टर से शिकायत की थी। मनोज का आरोप था कि नजूल की सरकारी जमीन पर प्लॉट दिलाने के नाम पर पालीवाल ने उनके साथ 17 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है।

दरअसल, मनोज को प्रवीण पुरोहित नाम के व्यक्ति ने कलेक्ट्रेट में काम करने वाले पालीवाल से मिलवाया था। इसके बाद पालीवाल ने चंदननगर में नजूल की सरकारी जमीन पर एक प्लॉट दिखाया और इसके बदले रुपए लिए। जब मनोज ने अपने पैसे वापस मांगे तो दोनों के बीच विवाद हो गया। इस विवाद के वीडियो भी सामने आए थे। 

पालीवाल ने आरोपों को किया खारिज 

वहीं पालीवाल ने विभागीय जांच के तहत मिले आरोप-पत्र का में सभी आरोपों को झूठा बताया है। पालीवाल ने कलेक्टर को दिए पत्र में कहा कि यह आरोप फंसाने के लिए लगाए गए हैं, और वह मनोज को इन्हें जानते भी नहीं हैं। उनके साथ कोई लेन-देन नहीं हुआ है। हालांकि जांच अधिकारी ने इसमें सामने वालों के भी बयान लिए हैं।