रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड: 21 दिन बाद SIT गठित, मुख्य संदिग्ध केयरटेकर अब भी फरार

रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल मर्डर केस में 21 दिन बाद बड़ा एक्शन, जांच के लिए बनाई गई 5 सदस्यीय SIT, हर सप्ताह देनी होगी रिपोर्ट, भोपाल पुलिस आयुक्त ने जारी किया आदेश, मुख्य आरोपी केयरटेकर वरुण कुमार अब भी फरार, जिसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार का इनाम घोषित 

रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड: 21 दिन बाद SIT गठित, मुख्य संदिग्ध केयरटेकर अब भी फरार

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज करने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। 21 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, पांच सदस्यीय टीम मामले की विवेचना और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए काम करेगी। घटना के करीब 3 हफ्ते बाद भी मुख्य संदिग्ध केयरटेकर वरुण कुमार पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताया जा रहा है।

उमेश तिवारी करेंगे SIT की अध्यक्षता

पुलिस आयुक्त संजय कुमार के आदेश के अनुसार, विशेष जांच दल की अध्यक्षता उमेश तिवारी करेंगे। टीम में चंद्रभान सिंह चढ़ार, पारस सोनी, ओमप्रकाश रघुवंशी और तकनीकी सेल के आरक्षक निलेश वर्मा को सदस्य बनाया गया है। टीम में पुलिस मुख्यालय, अपराध शाखा और रातीबड़ थाने के अधिकारियों-कर्मचारियों को शामिल किया गया है।

आर्थिक लेनदेन के पहलू की भी जांच

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच के दौरान राकेश अग्रवाल से जुड़े करीब पांच करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी विवादों की जानकारी भी सामने आई थी। पुलिस उनके वित्तीय लेनदेन और संपर्कों की जांच कर रही थी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसी विवाद का हत्या से संबंध था या नहीं। हालांकि, इन विवादों को हत्या का कारण साबित नहीं माना जा सकता।

आदेश में SIT को प्रत्येक सप्ताह जांच की प्रगति से संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। अब विशेष जांच दल की जिम्मेदारी मामले के तथ्यों को जोड़ने, संदिग्ध की तलाश और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने की होगी।

रातीबड़ में हत्या, घर में मिला था शव

राकेश अग्रवाल भोपाल के सूरज नगर क्षेत्र में रहते थे, जो रातीबड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। 30 सितंबर 2026 की सुबह उनका शव घर के अंदर मिला था। शुरुआती जांच में उनका गला धारदार हथियार से काटे जाने की बात सामने आई थी। घटना के समय उनकी पत्नी दूसरे कमरे में थीं। बताया गया कि उनके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था। घर में काम करने वाला एक अन्य केयरटेकर दरवाजा खोलने के बाद राकेश अग्रवाल के कमरे तक पहुंचा, जहां उनका शव मिला।

पुलिस की शुरुआती जांच में कुछ दिन पहले ही नियुक्त किए गए केयरटेकर वरुण कुमार पर संदेह जताया गया। घटना के बाद से वह लापता है। पुलिस ने उसकी तलाश में अलग-अलग स्थानों पर टीमें भेजीं। मामले में घर से मिले साक्ष्यों, संदिग्ध की गतिविधियों और संभावित मकसद की भी जांच की जा रही है।