The Epstein Files : हरदीप पुरी और एपस्टीन की तस्वीरें वायरल, कांग्रेस ने पूछा- कभी अकेले मिले ही नहीं, तो फोटो कहां से आईं?

The Epstein Files : अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कई तस्वीरें वायरल हैं। तस्वीरें सामने आने के बाद कांग्रेस ने मंत्री पर निशाना साधा है।

The Epstein Files : हरदीप पुरी और एपस्टीन की तस्वीरें वायरल, कांग्रेस ने पूछा- कभी अकेले मिले ही नहीं, तो फोटो कहां से आईं?

Hardeep Singh Puri with Epstein Photo : नई दिल्ली। अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के साथ पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। ये तस्वीरें इसलिए चर्चा में हैं क्योंकि पुरी पहले कहते रहे हैं कि वे एपस्टीन से केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ मिले थे और अलग से कभी मुलाकात नहीं हुई। तस्वीरें सामने आने के बाद विपक्ष ने उनके पुराने बयानों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विपक्ष ने पुराने बयान पर किया हमला

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब पुरी ने कहा था वे एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले तो इन तस्वीरों के क्या मायने हैं। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि पुरी तीन-चार बार डेलिगेशन के साथ मिले बताते थे फिर तस्वीरों में बाकी सदस्य कहां हैं। ये तस्वीरें अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जारी दस्तावेजों के नौवें सेट में शामिल हैं। इस सेट में कम से कम 11 तस्वीरें हैं जो लगभग एक जैसी हैं।

<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">Didn’t Hardeep Puri say he had never met Epstein one-on-one? What kind of people does Modi like and chooses to have around him? Do you need any more proof - why RSS and the right-wing can never ever respect and treat women as equals? ???? US Dept of Justice https://t.co/KLWlq9I9C0</p>&mdash; Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) <a href="https://x.com/SupriyaShrinate/status/2112580098876752158?ref_src=twsrc%5Etfw">October 20, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

पुरी के पुराने बयान और मुलाकातों का जिक्र

इस साल फरवरी में हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने बताया था कि संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का पद छोड़ने के बाद और 2017 में मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले एपस्टीन से मिले थे।

मुलाकातों को पूरी तरह पेशेवर बताया था और कहा था कि उनका आपराधिक आरोपों से कोई संबंध नहीं। पुरी ने इंटरव्यू में कहा था कि इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूशन के डेलिगेशन के रूप में गए थे। पहली मुलाकात के दौरान उन्हें पता नहीं था एपस्टीन कौन हैं इसलिए गूगल पर सर्च किया।

ईमेल और दस्तावेजों से जुड़े खुलासे

नवंबर 2025 में निगरानी समिति की ईमेल में दोनों के संपर्क का जिक्र पहली बार सार्वजनिक हुआ था। जनवरी में जारी दस्तावेजों में जून 2014 से जून 2017 के ईमेल शामिल थे। इनमें पुरी के 2015, 2016 और 2017 में न्यूयॉर्क में एपस्टीन के घर जाने का उल्लेख है। एक ईमेल में पुरी ने एपस्टीन के द्वीप का जिक्र करते हुए ‘हैव फन’ लिखा था। बाद में उन्होंने सफाई दी कि यह उनके बोलने का आम तरीका है। एपस्टीन 2008 में यौन अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था।

स्कूल टीचर से यौन अपराधी बना एपस्टीन

2005: पहली बार नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप
2006: जांच शुरू हुई, एपस्टीन के शक्तिशाली लोगों से संबंधों का खुलासा
2008: नाबालिग लड़कियों से देह व्यापार का दोषी पाया गया, 18 महीने की सजा
2009: जेल से बाहर आने के बाद भी एपस्टीन की अय्याशियां चलती रहीं
2017: मी टू मूवमेंट शुरू, एपस्टीन के खिलाफ फिर से आरोप लगे
2019: 6 जुलाई को गिरफ्तार, 10 अगस्त को न्यूयॉर्क की जेल में मरा मिला