आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्रशासन का एक्शन: अनियमितताओं पर चला प्रशासन का चाबुक, नईगढ़ी में 3 कार्यकर्ता और 2 सहायिकाएं बर्खास्त
पब्लिक वाणी की खबर का असर: मऊगंज में आंगनवाड़ी की अनियमितताओं पर कार्रवाई, नईगढ़ी क्षेत्र में 5 कर्मचारियों की सेवा समाप्त, विभाग में मचा हड़कंप
मऊगंज से राजेंद्र पयासी की रिपोर्ट।
सरकारी सेवा में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। मऊगंज जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी केंद्रों में लगातार मिल रही शिकायतों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है, जिससे लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
पब्लिक वाणी ने उठाया था अनियमताओं का मुद्दा
मऊगंज जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को जमीनी स्तर पर शत-प्रतिशत क्रियान्वित करने और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को मिलने वाली सेवाओं को सुचारू रूप से पहुंचाने के लिए विभागीय अधिकारियों ने अब कमर कस ली है।

लंबे समय से आंगनवाड़ी केंद्रों में अनुपस्थिति, समय पर केंद्र न खुलने, मुख्यालय पर निवास न करने और पदीय दायित्वों में लापरवाही की मिल रही शिकायतों और जनहित में पब्लिक वाणी टीम द्वारा ग्राउंड में उतरकर मुद्दे को जनहित में उठाया गया, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया।
मैदानी स्तर पर औचक निरीक्षण कर हकीकत परखी
कलेक्टर मऊगंज के स्पष्ट और कड़े निर्देश और जिला कार्यक्रम अधिकारी के सतत मार्गदर्शन के बाद नईगढ़ी परियोजना के अधिकारियों ने मैदानी स्तर पर औचक निरीक्षण कर हकीकत परखी। निरीक्षण में पाया गया कि कई केंद्र निर्धारित समय पर नहीं खुल रहे हैं, जिससे हितग्राहियों को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
इसी आधार पर लापरवाह पाए गए कर्मचारियों पर विधि-संगत कार्यवाही कर विभाग ने यह साबित कर दिया है कि शासन की योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में परियोजना अधिकारी नईगढ़ी, रविशंकर पांडेय ने बड़ी प्रशासनिक कार्यवाही करते हुए 3 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और 2 सहायिकाओं सहित कुल 5 कर्मचारियों की सेवा समाप्ति के आदेश जारी किए हैं।

विभागीय आदेशानुसार जिन कर्मचारियों की सेवा समाप्त की गई है। उनमें भारती पटेल, कार्यकर्ता, केंद्र जुड़मनिया रघुनाथ, सुशीला उपाध्याय, कार्यकर्ता, केंद्र सुअरहा, आरती कारपेंटर, कार्यकर्ता, केंद्र मैर मु. भटिगवां, आशा मिश्रा, सहायिका, केंद्र छुहिया और गीता मिश्रा शुक्ला, सहायिका, केंद्र पहरखा-2 शामिल हैं।
कर्मचारियों के लिए कड़ी चेतावनी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई केवल 5 कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले के सिस्टम के लिए एक कड़ी चेतावनी और नजीर है। इससे दो स्पष्ट संदेश जाते हैं। पहला, प्रशासन के लिए कि यदि जमीनी स्तर पर सतत निगरानी और औचक निरीक्षण किया जाए तो योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक पहुंच सकता है।
दूसरा, लापरवाह कर्मचारियों के लिए कि शासन की नौकरी में मुख्यालय पर निवास, समय पर उपस्थिति और हितग्राहियों को सेवा देना अनिवार्य है। आंगनवाड़ी केंद्र शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को पूरक पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और गर्भवती-धात्री महिलाओं को शासकीय योजनाओं का लाभ देने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। केंद्र बंद रहने से सीधे हितग्राहियों को नुकसान होता है, जिसे विभाग गंभीरता से ले रहा है।
आगे भी ऐसे ही चलेगा औचक निरीक्षण
उधर क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और समाजसेवियों ने इस कार्यवाही का स्वागत किया है, साथ ही मांग की है कि मऊगंज और हनुमना परियोजना में भी इसी तरह सघन औचक निरीक्षण कराया जाए, ताकि निर्धारित भवन के स्थान पर अन्यत्र केंद्र संचालन, उपस्थिति पंजी में अनियमितता और पोषण आहार वितरण में लापरवाही जैसे मामलों पर भी रोक लग सके।

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी आशीष द्विवेदी ने कहा जिले के नईगढ़ी विकासखंड अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों के इन सभी कर्मचारियों के विरुद्ध लंबे समय से बिना विधिवत सूचना के अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने, केंद्र का नियमित संचालन न करने और पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के संबंध में शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।
इस पर परियोजना कार्यालय द्वारा समय-समय पर मौखिक और लिखित निर्देश दिए गए, पर्यवेक्षकों द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया गया और नियमानुसार कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। स्पष्टीकरण संतोषजनक न पाए जाने और कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार न होने के कारण नियुक्ति आदेश की शर्तों एवं शासन के दिशा-निर्देशों के तहत सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है। आगे भी निरीक्षण जारी रहेगा।
Varsha Shrivastava 
