हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए 2 युवकों की करंट लगने से मौत: प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ हादसा, 10 से ज्यादा लोग झुलसे
जबलपुर के मझौली में करंट लगने से 2 युवकों की मौत, हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 10 से ज्यादा लोग झुलसे, प्रतिमा विसर्जन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गिरा बिजली का तार
जबलपुर। जिले के मझौली थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात प्रतिमा विसर्जन के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा लोग झुलस गए। हादसा उस समय हुआ, जब प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बिजली का तार टूटकर गिर गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई है।
तार हाईटेंशन लाइन से टकराया, ट्रॉली पर गिरा
जानकारी के मुताबिक, सिविल लाइन पाठ की प्रतिमा को नरीली तालाब में विसर्जन के लिए ले जाया जा रहा था। प्रतिमा के साथ 50 से अधिक लोग मौजूद थे। बुधवार रात करीब 1 बजे विसर्जन यात्रा सिविल लाइन के पास पहुंची। इस दौरान 440 वोल्ट के बिजली के तार को ऊपर उठाने की कोशिश की गई, जो हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। इसके बाद करंट फैल गया और तार टूटकर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गिर पड़ा। इसकी चपेट में आने से विकास राजपूत (22) और प्रिंस चौहान (23) की मौके पर ही मौत हो गई।
गंभीर घायलों को मेडिकल कॉलेज किया रेफर
हादसे में मयंक राजपूत, विक्की रैकवार, मनीष राजपूत और आयुष रैकवार समेत कई लोग घायल हुए हैं। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को पहले मझौली स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पूर्वा चौरसिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
अस्पताल में स्टाफ नहीं होने का आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद घायलों को मझौली स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन वहां तत्काल चिकित्सा स्टाफ उपलब्ध नहीं था। लोगों के मुताबिक, डॉक्टर भी करीब आधे घंटे बाद पहुंचे। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस देरी के दौरान दोनों युवकों की मौत हो चुकी थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों और समिति के सदस्यों की बैठक में बिजली के तार नीचे लटकने की समस्या उठाई गई थी। तारों को दुरुस्त कराने की मांग भी की गई थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। अब हादसे के बाद बिजली विभाग की लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
Varsha Shrivastava 
