Scindia Property Case : सिंधिया सम्पत्ति विवाद में कोर्ट का फैसला, अगली सुनवाई तक प्रतिमा देवी साबित करें धोखाधड़ी
Scindia Property Case : जिला न्यायालय ने प्रतिमा राणा को अपने आरोप साबित करने के लिए गवाही और साक्ष्य पेश करने का मौका दिया है। ऊषा राजे राणा, वसुंधरा राजे सिंधिया और अन्य पक्षकार भी अपने पक्ष में साक्ष्य दे सकेंगे।
Scindia Property Case : मध्य प्रदेश। सिंधिया राजपरिवार के संपत्ति विवाद में अब धोखे से हस्ताक्षर कराने के आरोप की न्यायालय में परीक्षा होगी। जिला न्यायालय ने प्रतिमा राणा को अपने आरोप साबित करने के लिए गवाही और साक्ष्य पेश करने का मौका दिया है। ऊषा राजे राणा, वसुंधरा राजे सिंधिया और अन्य पक्षकार भी अपने पक्ष में साक्ष्य दे सकेंगे।
अदालत ने अगली सुनवाई 29 अक्टूबर तय की है। अदालत ने साक्ष्य का अवसर दिया। बुधवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आत्माराम टांक की अदालत ने प्रतिमा राणा के आवेदन पर सुनवाई की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल आवेदन पर बहस के आधार पर फैसला नहीं होगा। प्रतिमा देवी को समझौते में धोखाधड़ी के आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने होंगे।
समझौते के आधार पर डिक्री की मांग
ऊषा राजे राणा और अन्य ने बिना गवाही के समझौते के आधार पर डिक्री पारित करने की मांग की थी। इसमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और यशोधरा राजे सिंधिया भी शामिल हैं। उनकी दलील थी कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और अन्य परिजनों के साथ समझौता हो चुका है इसलिए सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 23 नियम 3 के तहत डिक्री पारित की जाए।
प्रतिमा राणा का आरोप- धोखे से हस्ताक्षर
प्रतिमा राणा ने विरोध करते हुए आरोप लगाया कि परिजनों ने समझौते की शर्तें छिपाईं और उनसे धोखे से हस्ताक्षर करा लिए। उन्होंने अपनी वास्तविक सहमति न होने का दावा किया। पहले आपत्तियों पर मुद्दे तय किए जाएं और साक्ष्य का अवसर मिले। दोनों पक्षों ने पुराने अदालती फैसलों का हवाला भी दिया।
40 हजार करोड़ की संपत्ति का विवाद
यह मामला सिंधिया राजघराने की करीब 40 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के बंटवारे से जुड़ा है। प्रतिमा देवी दिवंगत पद्मावती राजे सिंधिया की बेटी हैं। पहले उन्हें और कनिका देवी सिंह को उपस्थित न होने पर एक्स पार्टी घोषित किया गया था। बाद में प्रतिमा ने आवेदन देकर भागीदारी और समझौते पर आपत्ति दर्ज कराई।
अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को
29 अक्टूबर को ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं की ओर से आपसी राजीनामे का पक्ष रखा जाएगा। प्रतिमा ने पहले दिसंबर में सुनवाई की मांग की थी क्योंकि वे विदेश में रहेंगी, लेकिन बाद में आवेदन वापस ले लिया। सात अक्टूबर की सुनवाई में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी थी। अब साक्ष्य के आधार पर मामला आगे बढ़ेगा।

