किसान ने गले में रस्सी डालकर तहसील को दिखाया आईना
किसान ने गले में रस्सी डालकर तहसील को दिखाया आईना हनुमना तहसील में वारिसाना के लिए अन्नदाता बना 'मवेशी', वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
राजेंद्र पयासी मऊगंज: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में राजस्व तंत्र की बेरहमी उजागर हो गई। जिले के हनुमना तहसील कार्यालय में वारिसाना यानी उत्तराधिकार नामांतरण की फाइल महीनों से तथाकथित दबाकर बैठे बाबुओं की करतूत से तंग आकर एक किसान ने ऐसा कदम उठाया की हड़कंप मच गया। पीड़ित किसान शुक्रवार को सीधे लोक सेवा केंद्र हनुमना पहुंचा, लेकिन इंसान बनकर नहीं। उसके गले में मवेशियों को बांधने वाला 'पगहा' था। यह आत्मघाती विरोध चीख-चीखकर कह रहा था कि सिस्टम किसानों को इंसान नहीं समझता। किसान का आरोप है कि वह महीनों से तहसील के चक्कर काट रहा था। हर बार फाइल आगे बढ़ाने के बदले कथित रूप से रिश्वत की मांग होती थी।
पीड़ित किसान ने दर्द भरे लहजे में कहा जब जिम्मेदार हमारी सुनते ही नहीं और हमें मवेशी समझा जा रहा है, तो इंसान बनकर जीने का क्या फायदा? दफ्तरों में बिना चढ़ावे के कागज एक इंच नहीं खिसकता।
किसान द्वारा किए गए विरोध का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम और तहसीलदार तत्काल दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पहले किसान को समझा-बुझाकर गले से रस्सी हटवाई गई। इसके बाद एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से किसान की वारिसाना फाइल का वैधानिक निराकरण करने के निर्देश जारी किए।
सिस्टम का विरोधाभास उजागर
प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि असली फाइल तहसील के बाबू रखी है। जबकि एसडीएम ने नोटिस लोक सेवा संचालक को थमाने के निर्देश दिए। सवाल उठता है कि गुनाह तहसील का, सजा लोक सेवा केंद्र को क्यों?
फिलहाल पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रशासन ने भरोसा दिया कि दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। इस विषय को लेकर हनुमना एसडीएम राजेश मेहता ने कहा कि युक्त मामले की फाइल तहसील बाबू के पास है। लेकिन लोक सेवा केंद्र में अव्यवस्था के कारण संचालक को नोटिस जारी की गई है।

