भोपाल के पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया, इंदौर जैसी तबाही का खतरा!

इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और सैकड़ों लोगों की बीमारी ने प्रशासन की लापरवाही उजागर कर दी है। भोपाल के भी कई इलाकों में हालात चिंताजनक हैं, जहां लोग मजबूरी में सीवेज मिला गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। देखिए हमारी स्पेशल रिपोर्ट।

भोपाल के पानी में ई-कोलाई बैक्टीरिया, इंदौर जैसी तबाही का खतरा!

भोपाल के पानी में भी वही ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला है जिसने इंदौर में 18 लोगों की जान ली है। दरअसल, भोपाल के अलग-अलग इलाकों से पानी के 250 सैंपल लिए गए थे, जिनमें खानू गांव, आदमपुर छावनी और बाजपेई नगर में सबसे दूषित पानी पाया गया है। इन इलाकों से 4 सैंपल लिए गए थे जो फेल हो गए हैं। फिलहाल, इन इलाकों में ग्राउंडवाटर का इस्तेमाल करने के लिए मना किया गया है।

खानू गांव और बाजपेई नगर में सीवेज का पानी पीने के पानी के साथ मिल जाता है, जिससे लोग गंदा पानी पीने के लिए मजबूर हैं। बता दें कि ये वही इलाके हैं जहां पब्लिक वाणी की टीम ने ग्राउंड रिपोर्ट की थी। फिलहाल, नगर निगम की कार्रवाई जारी है।

पूरी जानकारी के लिए देखिए ये खास रिपोर्ट..

इंदौर में दूषित पानी ने अब तक 20 लोगों की जान ले ली है। 1,400 से ज्यादा लोग बीमार हो गए हैं, वहीं 110 से 142 लोग ICU में भर्ती हैं। इंदौर, जो कि देश का सबसे स्वच्छ शहर है, वहां पानी को लेकर हुई लापरवाही ने पूरे प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंदौर में जो स्थिति हुई, ऐसी भोपाल में न हो, इसलिए पब्लिक वाणी की टीम ने भोपाल के उन इलाकों में पहुँचकर रिपोर्ट की, जहां सबसे गंदा पानी आता है और लोग गंदा पानी पीने के लिए मजबूर हैं।

नाली का पानी पीने को मजबूर लोग

हमारी टीम भोपाल के बाजपेई नगर में पहुंची, जहां हमने पाया कि पीने के पानी की पाइपलाइन और सीवेज की पाइपलाइन एक साथ ही हैं, जिससे सीवेज का पानी पीने के पानी में मिल जाता है। इससे घरों में पीला और कीड़ों वाला पानी आ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। उन्हें गंदा पानी पीते हुए 10 साल हो गए हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।