सरकारी स्कूल में बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे!: 15 मासूमों ने खाए रतनजोत के बीज, अस्पताल में भर्ती

रायसेन के स्कूल में बड़ी लापरवाही, 15 बच्चों ने खाए जहरीले बीज, सिविल अस्पताल में चल रहा इलाज; सिलवानी ब्लॉक के पुदर सलैया स्कूल का मामला, स्कूल समय में बच्चों की निगरानी पर उठे सवाल

सरकारी स्कूल में बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे!: 15 मासूमों ने खाए रतनजोत के बीज, अस्पताल में भर्ती

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सिलवानी विकासखंड से बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। पुदर सलैया स्थित शासकीय स्कूल में पढ़ने वाले करीब 15 बच्चों ने रतनजोत के बीज खा लिए। घटना के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने की आशंका के चलते उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल सिलवानी पहुंचाया गया, जहां सभी को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। राहत की बात यह है कि फिलहाल बच्चों की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।

स्कूल समय में पेड़ों से तोड़कर खाए बीज

जानकारी के अनुसार, स्कूल में पढ़ाई के दौरान बच्चे आसपास लगे रतनजोत के पेड़ों से बीज तोड़कर खाने लगे। इसी दौरान करीब 15 बच्चों ने इन बीजों का सेवन कर लिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया।

रतनजोत के बीजों का सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे में एक साथ इतने बच्चों के बीज खाने की घटना ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में बच्चों का इलाज जारी है।

स्कूल प्रबंधन की निगरानी पर उठे सवाल

इस घटना के बाद सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्कूल समय के दौरान बच्चे पेड़ों तक कैसे पहुंचे? क्या उस समय शिक्षक बच्चों की गतिविधियों पर नजर नहीं रख रहे थे?

अगर बच्चे स्कूल परिसर से बाहर गए थे, तो उनकी निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी? शिक्षकों का दायित्व केवल बच्चों को पढ़ाना ही नहीं, बल्कि स्कूल समय में उनकी सुरक्षा और देखरेख सुनिश्चित करना भी है। ऐसे में स्कूल प्रबंधन की भूमिका की जांच जरूरी है।

शिक्षा विभाग से जवाबदेही तय करने की मांग

इस मामले में अब शिक्षा विभाग और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि घटना के समय स्कूल में कितने शिक्षक मौजूद थे और बच्चों के बीज खाने की जानकारी प्रबंधन को कब मिली।

इसके साथ ही स्कूलों के आसपास मौजूद जहरीले पौधों की पहचान कर बच्चों को उनसे दूर रखने के इंतजाम किए जाने चाहिए। 15 बच्चों की सेहत से जुड़ी इस घटना ने सरकारी स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।