UPI Surcharge Protest : UPI पर प्रस्तावित सरचार्ज के विरोध में व्यापारी लामबंद, शुल्क लगा तो हटाएंगे QR कोड

Indore UPI Surcharge Protest : अहिल्या चेम्बर्स से जुड़े 125 व्यापारिक संगठनों का सामूहिक फैसला, पांच दिन तक बाजारों में चलाया जाएगा जनसंपर्क अभियान

UPI Surcharge Protest : UPI पर प्रस्तावित सरचार्ज के विरोध में व्यापारी लामबंद, शुल्क लगा तो हटाएंगे QR कोड

Indore UPI Surcharge Protest : मध्य प्रदेश। इंदौर में यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित सरचार्ज को लेकर व्यापारियों ने विरोध का ऐलान किया है। अहिल्या चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज से जुड़े 125 व्यापारिक संगठनों ने फैसला लिया है कि यदि सरचार्ज लागू किया जाता है, तो व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों से यूपीआई क्यूआर कोड हटाकर नगद भुगतान को प्राथमिकता देंगे। व्यापारियों का कहना है कि अतिरिक्त शुल्क से कारोबार की लागत बढ़ेगी और इसका असर उनके मुनाफे पर पड़ेगा। विरोध को बाजार स्तर तक पहुंचाने के लिए चेम्बर्स के पदाधिकारी अगले पांच दिनों तक विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों में जनसंपर्क करेंगे।

व्यापारिक संगठनों का सामूहिक फैसला

दरअसल, इंदौर में यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर सरचार्ज के विरोध में व्यापारियों ने सामूहिक मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। आज हुई व्यापारियों की बैठक में शामिल 125 व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि प्रस्तावित सरचार्ज लागू होता है, तो वे अपने प्रतिष्ठानों से यूपीआई क्यूआर कोड हटाने के फैसले पर अमल करेंगे। 

अतिरिक्त शुल्क बन सकता है आर्थिक बोझ

व्यापारियों का तर्क है कि पहले से बढ़ती लागत और सीमित मुनाफे के बीच डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क उनके लिए एक और आर्थिक बोझ बन सकता है। चेम्बर्स के संयुक्त सचिव और इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि 23 सितंबर को आयोजित नो यूपीआई डे के जरिए भी व्यापारियों ने इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया था। अब 125 संगठनों की एकजुटता के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। 

अलग-अलग बाजारों में जायेंगे व्यापारी 

इसी कड़ी में अगले पांच दिनों तक चेम्बर्स के पदाधिकारी शहर के अलग-अलग बाजारों में पहुंचकर व्यापारियों से संपर्क करेंगे और उन्हें प्रस्तावित सरचार्ज के संभावित प्रभावों की जानकारी देंगे। वही कुछ व्यापारी ने एमडीआर शुल्क लागू होने पर UPI के QR कोड की होली जलाने की बात भी कही।

व्यापारियों ने साफ किया है कि उनका विरोध अतिरिक्त शुल्क को लेकर है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर आगे क्या निर्णय होता है और उसके बाद व्यापारी अपने सामूहिक फैसले पर किस तरह अमल करते हैं।