Hostel Food Inspection : इंजी. कॉलेज, होस्टल व छात्रावासों की कैंटीन- मेस की होगी जांच, कलेक्टर ने बनाई टीमें
Public Vani Khas Khabar : खाद्य सुरक्षा अधिकारी देखेंगे किचन-स्टोर रूम की हकीकत, भोजन बनाने और परोसने वाले कर्मचारियों पर भी नजर
राजधानी में संचालित एससी-एसटी छात्रावास, शासकीय व निजी इंजीनियरिंग कॉलेज, श्रमोदय आवासीय विद्यालयों तथा अन्य आवासीय संस्थानों में भोजन की गुणवत्ता की जांच खाद्य सुरक्षा प्रशासन का अमला करेगा। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की दो टीमों का गठन किया है। यह टीमें शिक्षण संस्थाओं में छात्रों को परोसे जा रहे भोजन की ताजगी, गुणवत्ता एवं सुरक्षित वितरण व्यवस्था की जांच करेगी। संस्थानों में घटिया या मिलावटी खाद्य सामग्री मिलने पर सैंपल लिए जाएंगे। इसकी जांच राज्यस्तरीय प्रयोगशाला में कराई जाएगी।
जानकारी अनुसार पिछले दिनों में मैनिट सहित कई छात्रावासों में घटिया खाने से छात्र-छात्राएं बीमार पड़ गए थे। इस मामले के सामने आने के बाद इन संस्थाओं की रसोई की जांच कराई गई थी। जहां बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली थी। इसे लेकर 12 अक्टूबर को जिलास्तरीय सलाहकार समिति की बैठक हुई थी। इसमें विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए जिले में संचालित समस्त संबंधित संस्थानों का निरीक्षण कराने का निर्णय लिया था।
28 अक्टूबर को कलेक्टर ने इन संस्थाओं के मेस, कैंटीन, स्टोर रूमों की जांच के आदेश जारी किए। इसके लिए दो टीमें बनाई गई हैं। इसमें पहली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी लवंशी, वर्षा व्यास और अर्चना प्रभाकर को रखा गया है। वहीं दूसरी टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जगदीश विश्वकर्मा, साधना सक्सेना व पूजा सक्सेना शामिल हैं।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
- कैंटीन, मेस एवं खाद्य कारोबारकर्ताओं के वैध खाद्य सुरक्षा पंजीयन-अनुमति की जांच करेगा।
- खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, वैधता अवधि, खरीदी के बिल एवं आपूर्ति के स्त्रोत की जांच।
- भोजन निर्माण स्थल, रसोईघर, भंडारगृह, बर्तनों एवं उपकरणों की स्वच्छता की जांच।
- दूध-दही, पनीर, तेल, घी, मसाले, आटा, दाल, चावल, सबिज्यों एवं अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच।
- पेयजल की गुणवत्ता, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, तथा कच्चे व पके भोजन को पृथक रखने की व्यवस्था का निरीक्षण।
- खाद्य सामग्री एवं तैयार भोजन को कीटों, चूहों तथा अन्य संभावित प्रदूषण से सुरक्षित रखने की क्या व्यवस्था है। इसकी जांच भी दल करेगा।
- भोजन बनाने और परोसने वाले कर्मचारियों मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र भी देखा जाएगा। साथ ही इस कार्य में लगे कर्मचारियों की स्वच्छता की भी जांच की जाएगी।

