नितिन गडकरी के E20 चैलेंज पर तहसीन पूनावाला का जवाब, बोले- '10 ऐसे लोग लाऊंगा जिनकी गाड़ी हुई खराब'

E20 पेट्रोल विवाद पर नितिन गडकरी के चैलेंज को तहसीन पूनावाला ने स्वीकार करने का दावा किया है. उन्होंने कहा कि वह ऐसे वाहन मालिकों को सामने लाएंगे जिनकी गाड़ियां E20 से प्रभावित हुई हैं.

नितिन गडकरी के E20 चैलेंज पर तहसीन पूनावाला का जवाब, बोले- '10 ऐसे लोग लाऊंगा जिनकी गाड़ी हुई खराब'

नई दिल्ली। पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल (E20) मिलाने को लेकर जारी बहस अब राजनीतिक रंग लेती जा रही है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के बयान के बाद कांग्रेस समर्थक और राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने उनका चैलेंज स्वीकार करने का दावा किया है. पूनावाला का कहना है कि वह ऐसे कई लोगों को सामने ला सकते हैं, जिनकी गाड़ियों में E20 ईंधन के इस्तेमाल के बाद दिक्कतें आई हैं.

क्या था नितिन गडकरी का चैलेंज?

हाल ही में एक इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि E20 ईंधन को लेकर फैलाए जा रहे दावे गलत हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी की गाड़ी वास्तव में E20 की वजह से खराब हुई है तो उसका एक भी प्रमाण सामने लाया जाए.

तहसीन पूनावाला ने किया दावा

गडकरी के बयान के बाद तहसीन पूनावाला ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि उन्होंने यह चुनौती स्वीकार कर ली है. उन्होंने कहा कि यदि केंद्रीय मंत्री समय दें तो वह मीडिया के सामने 4 से 10 ऐसे लोगों को पेश कर सकते हैं, जो दावा करते हैं कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से उनकी गाड़ियों में खराबी आई है. पूनावाला ने यह भी कहा कि इन लोगों का किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है.

मीडिया के सामने ही होगी बातचीत

तहसीन पूनावाला ने अपनी एक और वीडियो में कहा कि वह केंद्रीय मंत्री से सार्वजनिक रूप से मीडिया की मौजूदगी में इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं. उनका दावा है कि वह मंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया.

आखिर क्या है E20 विवाद?

E20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है. एथेनॉल गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है. केंद्र सरकार का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण घटाना है. हालांकि कुछ वाहन मालिकों का दावा है कि E20 के इस्तेमाल से माइलेज कम हो रहा है और इंजन के कुछ पुर्जों पर असर पड़ रहा है. दूसरी ओर, केंद्र सरकार और विशेषज्ञों का कहना है कि निर्धारित मानकों के अनुरूप वाहनों में E20 सुरक्षित है और इसके खिलाफ किए जा रहे कई दावे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं हैं.

विवाद पर सबकी नजर

अब इस मुद्दे पर सभी की नजर इस बात पर है कि क्या तहसीन पूनावाला अपने दावों के समर्थन में ऐसे वाहन मालिकों को सामने ला पाते हैं और सरकार इस चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया देती है.