CM मोहन यादव ने धार में ₹272 करोड़ की LiuGong इंडिया यूनिट का किया भूमिपूजन, रोजगार और निवेश को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार के पीथमपुर में LiuGong India की ₹272 करोड़ की नई यूनिट का भूमिपूजन किया। जानिए निवेश, रोजगार और पूरी जानकारी।
धार/भोपाल। मध्यप्रदेश के धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार (8 जुलाई) को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने LiuGong India Private Limited की ₹272 करोड़ की नई विनिर्माण इकाई का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। सरकार का कहना है कि नई इकाई से प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि धार प्रदेश के औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' अभियान के तहत मध्यप्रदेश में उद्योगों का विस्तार हो रहा है और नई परियोजनाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार को हाल के महीनों में बड़ी संख्या में निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उनके अनुसार, 1 जनवरी से 30 जून के बीच प्रदेश को ₹76,862 करोड़ से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे लगभग 82 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में पहले आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के बाद कई निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरने लगे हैं।
उन्होंने हाल ही में शुरू हुई अन्य औद्योगिक परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। इनमें शिवपुरी में प्रस्तावित अडाणी डिफेंस यूनिट, उज्जैन में PepsiCo की विनिर्माण इकाई, नीमच की नई औद्योगिक परियोजनाएं और सतगढ़ी का डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल निवेश समझौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि परियोजनाओं को जमीन पर उतारने पर भी काम कर रही है।
कार्यक्रम में LiuGong India के ग्लोबल वाइस चेयरमैन ल्यू गोवेन ने कहा कि नया संयंत्र प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ रिसर्च और आधुनिक निर्माण उपकरणों के उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनेगा। वहीं कंपनी के प्रतिनिधि वरुण विजयवर्गीय ने बताया कि कंपनी ने वर्ष 2009 में भारत में उत्पादन शुरू किया था और नया प्लांट 'मेक इन इंडिया' तथा 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को मजबूती देगा।
कंपनी के अनुसार, नई इकाई शुरू होने के बाद उसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 3,250 मशीनों से बढ़कर लगभग 7,500 मशीनों तक पहुंच जाएगी।
Anubhav Dubey 
