राम मंदिर चंदा चोरी मामला: आरोपियों के घरों पर छापे, सोना-नकदी और जमीन के दस्तावेज बरामद, 30 बैंक खाते फ्रीज

Ram Mandir row: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने कुल 30 बैंक खाते फ्रीज़ किए हैं. पता चला है कि आरोपी अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों के ज़रिए चोरी का पैसा शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करते थे और बाद में अपने अकाउंट में ट्रांसफर कराते थे.

राम मंदिर चंदा चोरी मामला: आरोपियों के घरों पर छापे, सोना-नकदी और जमीन के दस्तावेज बरामद, 30 बैंक खाते फ्रीज

अयोध्या: राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच तेज हो गई है. पुलिस ने मुख्य आरोपियों के घरों पर छापेमारी कर सोना, गहने, नकदी, जमीन के दस्तावेज और एक कार बरामद की है. जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, चोरी की गई दान राशि का कुछ हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया गया, जबकि कुछ रकम लोगों को ब्याज पर उधार दी गई थी. मामले में पुलिस ने अब तक 30 बैंक खातों को फ्रीज़ कर दिया है.

तीन आरोपियों के घर हुई छापेमारी

9 जुलाई की सुबह पुलिस आरोपी अनुकल्प मिश्रा को उसके घर लेकर पहुंची, जहां करीब 20 मिनट तक तलाशी अभियान चला. इससे पहले पुलिस लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय के घर भी छापेमारी कर चुकी है. सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान नकदी के बंडल, सोने के आभूषण, अन्य कीमती सामान और एक कार जब्त की गई है. हालांकि पुलिस ने बरामद नकदी की आधिकारिक जानकारी अभी साझा नहीं की है. जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के परिजनों से भी पूछताछ की.

शेयर बाजार और ब्याज पर लगाया गया पैसा

जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी अनुकल्प मिश्रा और अविनाश ने स्वीकार किया कि चोरी की गई रकम का एक हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया गया था।. इसके अलावा कुछ पैसा लोगों को ब्याज पर उधार भी दिया जाता था. पुलिस का मानना है कि इस पूरे लेनदेन के लिए एक संगठित वित्तीय नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया, जिसके जरिए रकम अलग-अलग खातों में पहुंचाई जाती थी.

30 बैंक खाते किए गए फ्रीज़

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले कथित तौर पर चोरी की रकम अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर की और बाद में उसे वापस अपने खातों में मंगाया. इसी कड़ी में 30 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है. शुरूआती जांच में यह भी सामने आया है कि इन खातों से हुआ लेनदेन खाताधारकों की घोषित आय से कहीं अधिक है. पुलिस इस वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है.

जमीन और कार के दस्तावेज भी मिले

जांच के दौरान पुलिस को एक कार भी मिली, जो अनुकल्प मिश्रा के पिता के नाम पर पंजीकृत बताई जा रही है. इसके अलावा अनुकल्प मिश्रा के घर से एक दस्तावेज भी बरामद हुआ है, जिसमें उसके नाम पर करीब एक एकड़ जमीन खरीदे जाने का उल्लेख है. बताया जा रहा है कि यह जमीन लगभग 6.7 लाख में खरीदी गई थी, जबकि वर्तमान बाजार मूल्य इससे कई गुना अधिक हो सकता है.

डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

पुलिस अब बैंक स्टेटमेंट, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि राम मंदिर से कुल कितनी दान राशि का गबन हुआ और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही. फिलहाल इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि जांच लगातार जारी है.