भोपाल : मंत्रालय में काम करने वाले कर्मचारियों का प्रदर्शन, मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
मंत्रालय में काम करने वाले कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की कई लंबे समय से लंबित मांगें हैं, जिन्हें सरकार अभी तक पूरा नहीं कर रही।
भोपाल। मंत्रालयीन कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर 16 जनवरी शुक्रवार को राजधानी भोपाल में वल्लभ भवन क्रमांक-1 के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया गया। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ और मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मंत्रालयीन, स्थायी और आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने नारेबाजी कर सरकार से शीघ्र मांगें पूरी करने की मांग की।
मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने बताया कि मंत्रालयीन कर्मचारियों को चौथा समयमान वेतनमान देने, 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत करने तथा स्थायी व आउटसोर्स कर्मचारियों को ‘डाइंग कैडर’ घोषित किए जाने के निर्णय का विरोध इस प्रदर्शन का प्रमुख उद्देश्य था। उन्होंने कहा कि डाइंग कैडर घोषित करने से कर्मचारियों के भविष्य पर गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान मंत्री स्थापना और मंत्रालय स्थापना में आकस्मिकता निधि से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने, समयमान वेतनमान के साथ उच्च पदनाम देने तथा मंत्रालयीन लिपिकों को तृतीय समयमान में तृतीय पदोन्नति का वेतनमान दिए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और 70 प्रतिशत से 80 प्रतिशत वेतन देने संबंधी आदेश को निरस्त करने के हाईकोर्ट के निर्णय को लागू करने की मांग की गई।
कर्मचारियों ने वर्ष 2012 में मंत्री स्थापना से मंत्रालय स्थापना में आए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पे प्रोटेक्शन का लाभ दिए जाने की मांग भी दोहराई। प्रदर्शन के पश्चात कर्मचारी संगठनों की ओर से मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजा गया।
संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा। आगामी दिनों में धरना, प्रदर्शन और अन्य आंदोलनात्मक कार्यक्रम किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
Varsha Shrivastava 
