मऊगंज में जागरूक बेटी ने साइबर ठगी रोकी, लाखों का नुकसान टला
मऊगंज में बालू-गिट्टी के नाम साइबर ठगी की कोशिश को एक जागरूक बेटी ने समय रहते पहचानकर नाकाम कर दिया। सतर्कता से लाखों का फ्रॉड टल गया, हालांकि भुगतान न मिलने से व्यापारी को कुछ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
मऊगंज में एक बार फिर साइबर ठगों ने ठेके और निर्माण कार्य का झांसा देकर ठगी की कोशिश की, लेकिन इस बार उनकी चाल एक जागरूक बेटी की सतर्कता से नाकाम हो गई।
भवन निर्माण मटेरियल व्यवसायी इरफान खान, निवासी मऊगंज, के मोबाइल पर फोन आया कि मऊगंज अस्पताल भवन निर्माण के लिए बालू और गिट्टी की जरूरत है। फोन करने वाले ने खुद को ठेके से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए एक गाड़ी बालू 32 हजार और एक गाड़ी गिट्टी 25 हजार कीमत की मंगवाई। कुल 57 हजार का माल इरफान ने भरोसे में आकर गिरा दिया।
जब भुगतान की बात आई तो कॉल करने वाले ने कहा कि उसका बेटा सिक्किम में फौज में है, वही पैसा ट्रांसफर करेगा। खाते के लिए इरफान ने अपनी बेटी का अकाउंट नंबर दे दिया, क्योंकि उसी खाते से निर्माण सामग्री का लेन-देन होता है।
इसके बाद ठगी का असली खेल शुरू हुआ। सामने वाले ने बेटी को फोन कर कहा, “फोनपे से 10 रुपये मेरे खाते में डालिए, तभी पैसा आपके खाते में आएगा।” बेटी ने तुरंत मना कर दिया और कहा कि आप फोनपे से भुगतान करें। ठग बार-बार दबाव बनाता रहा, लिंक खोलने और उसके बताए तरीके से भुगतान करने को कहता रहा।
यहीं पर बेटी को शक हुआ और उसने तुरंत पिता को फोन कर बताया कि यह साइबर फ्रॉड है। सतर्कता दिखाते हुए उन्होंने किसी भी लिंक को ओपन नहीं किया। नतीजा यह हुआ कि बड़ा फ्रॉड टल गया, हालांकि भुगतान न मिलने के कारण उन्हें करीब 15 हजार का नुकसान उठाकर बालू-गिट्टी दूसरी जगह ट्रांसपोर्ट करानी पड़ी।
इरफान के अनुसार पहला फोन करने वाला खुद को लौर थाना क्षेत्र के पटपरा का निवासी बता रहा था। उसका नाम बबलू पंडित बताया गया। उसी ने बाद में “डॉक्टर” बताकर दूसरे व्यक्ति से बात करवाई।

