Mauganj News : मऊगंज के फूल करण सिंह में गूंजा गुरु-शिष्य परंपरा का शंखनाद, सम्मानित हुए शिक्षा के शिल्पकार
Mauganj News : मऊगंज के फूलकरण सिंह गांव में 92 सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया गया। विधायक गिरीश गौतम ने शिक्षक की भूमिका बताई। मेधावी विद्यार्थियों और समाजसेवियों को भी सम्मान मिला।
राजेंद्र पयासी @ मऊगंज
भारतीय संस्कृति में गुरु को ब्रह्मा, विष्णु, महेश से भी ऊंचा स्थान दिया गया है -गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु... इसी सनातन परंपरा को जीवंत करते हुए जिले के नईगढ़ी विकासखंड अंतर्गत फूलकरण सिंह गांव स्थित पीएम श्री विद्यालय का प्रांगण उस समय भाव-विभोर हो उठा, जब शिक्षा के उन मौन साधकों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपना पूरा जीवन अज्ञान के अंधेरे को मिटाने में लगा दिया।

विध्य प्रदेश के जाने-माने अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. मनमोहन सिंह एवं उनके छोटे भाई ग्राम पंचायत फूल करण सिंह के सरपंच नरेन्द्र बहादुर सिंह 'मुंशी' के संयोजन में आयोजित यह शिक्षक सम्मान समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति कृतज्ञता का महायज्ञ था।

समारोह के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं देवतालाब के वर्तमान विधायक गिरीश गौतम रहे तो विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर कर्चुलियान जनपद के उपाध्यक्ष एवं प्रसिद्ध कवि रामलखन सिंह बघेल 'महगना' की उपस्थिति ने आयोजन को साहित्यिक गरिमा प्रदान की। अध्यक्षता स्वयं डॉ. मनमोहन सिंह ने की।

परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी विगत वर्षों की भांति 92 सेवानिवृत्त शिक्षकों को, जो आज शारीरिक रूप से अवकाश पर हैं पर जिनकी दी हुई शिक्षा आज भी हजारों घरों में प्रकाश बनकर जल रही है, शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं विशेष उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही वर्तमान शिक्षकों एवं कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं एवं 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को भी मंच से सम्मानित कर भविष्य के लिए प्रेरित किया गया। समाजसेवियों एवं निर्भीक लेखनी के धनी पत्रकारों का सम्मान भी इस अवसर पर किया गया।

शिक्षक कुम्हार है, छात्र कच्चा घड़ा-गिरीश गौतम
कार्यक्रम का सबसे मार्मिक और समाज के अंतिम व्यक्ति तक संदेश देने वाला क्षण रहा मुख्य अतिथि गिरीश गौतम का उद्बोधन। उन्होंने कहा -शिक्षक केवल पुस्तक नहीं पढ़ाता, वह जीवन गढ़ता है। वह कुम्हार की तरह है। जैसे कुम्हार कच्चे घड़े को बाहर से थाप देता है और भीतर से हाथ का सहारा देता है, वैसे ही शिक्षक छात्र को बाहर से अनुशासन की थाप और भीतर से ज्ञान, प्रेम और संस्कार का सहारा देकर एक सुंदर, मजबूत और उपयोगी व्यक्तित्व में बदल देता है।

उन्होंने समाज को झकझोरते हुए कहा कि आज हमारे पास डिग्रियां तो बहुत हैं, पर संस्कार घट रहे हैं। शिक्षा ने हमें नौकरी के योग्य तो बना दिया, पर इंसान बनना अभी बाकी है। आज आवश्यकता इस बात की है कि अभिभावक और शिक्षक दोनों मिलकर आने वाली पीढ़ी को केवल अंक लाने की मशीन न बनाएं, बल्कि उसे संस्कारवान, दयावान और राष्ट्रभक्त इंसान बनाएं। तभी सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होगा। इस मौके पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, धार्मिक क्षेत्र सहित पूरे विधानसभा क्षेत्र का हर दृष्टि से विकास करना उनकी पहली प्राथमिकता है।

वहीं विशिष्ट अतिथि रामलखन सिंह बघेल 'महगना' ने जब अपनी हास्य-व्यंग्य और रचनात्मक कविताओं से शिक्षा व्यवस्था पर चोट की और शिक्षकों के संघर्ष को शब्द दिए तो पांडाल तालियों से गूंज उठा।
सबसे भावुक क्षण तब आया जब डॉ. मनमोहन सिंह एवं डॉ. बृजबाला सिंह ने अपनी सामाजिक विरासत का दीपक अपने पुत्र डॉ. अमन सिंह को सौंपा और ग्रामवासियों को वचन दिया कि गरीबों की हर पीड़ा की जिम्मेदारी उनके पुत्र निभाएंगे।

गौरतलब है कि बीते एक दशक से डॉ. मनमोहन सिंह, शिक्षकों एवं छात्रों के सम्मान के साथ क्षेत्र के गरीब, असहाय, वृद्ध जनों को प्रतिमाह 300 रुपये, आपदा की स्थिति में 2500 रुपये एवं ठंड के मौसम में ऊनी कपड़े प्रदान करते आ रहे हैं।
कार्यक्रम का बेहद रोचक और ऊर्जा से भरपूर संचालन प्रसिद्ध युवा राष्ट्रीय कवि,लेखक एवं पत्रकार आशीष तिवारी 'निर्मल' ने किया। आयोजन से पूर्व फूल करण सिंह चौराहे पर नवनिर्मित हनुमान मंदिर का लोकार्पण भी क्षेत्रीय विधायक गिरीश गौतम द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक शिक्षक, छात्र अभिभावक एवं बड़ी संख्या में आम जन मौजूद रहे।


