नागरिकता नियमों में किए महत्वपूर्ण बदलाव: OCI आवेदन अब पूरी तरह ऑनलाइन, सरकार बोली- OCI अधिकार नहीं, विशेषाधिकार है
केंद्र सरकार ने सिटिजनशिप (संशोधन) नियम 2026 लागू कर दिए हैं, जिसके तहत अब OCI आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा और e-OCI दस्तावेज भी मिलेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि OCI कोई अधिकार नहीं बल्कि विशेषाधिकार है, और नियमों के उल्लंघन पर रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है।
गृह मंत्रालय (MHA) ने शुक्रवार को सिटिजनशिप (संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। इन नए नियमों के तहत ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड के आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है। अब आवेदन केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और कागजी कार्रवाई मुक्त हो जाएगी।
मुख्य बदलाव क्या हैं..
पूर्ण रूप से ऑनलाइन आवेदन, OCI रजिस्ट्रेशन के सभी आवेदन अब ociservices.gov.in पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक रूप में ही जमा किए जाएंगे। पुरानी व्यवस्था में फिजिकल फॉर्म जमा करने और डुप्लिकेट कॉपी देने की जरूरत खत्म हो गई है।
e-OCI दस्तावेज की सुविधा..
OCI कार्डधारकों को अब फिजिकल OCI कार्ड के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक OCI (e-OCI) भी जारी किया जाएगा। इससे यात्रा और दस्तावेज सत्यापन आसान हो जाएगा।
नाबालिगों के लिए सख्त नियम..
नए प्रावधान में स्पष्ट किया गया है कि कोई नाबालिग बच्चा एक साथ भारतीय पासपोर्ट और विदेशी पासपोर्ट नहीं रख सकता। यह दोहरी नागरिकता से जुड़े मामलों में स्पष्टता लाने के लिए जोड़ा गया है।

OCI एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं..
सरकार ने दोहराया है कि OCI स्टेटस कोई मौलिक अधिकार नहीं है, बल्कि यह एक विशेषाधिकार (Privilege) है। यदि कोई OCI धारक भारतीय कानूनों का उल्लंघन करता है, तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है।

OCI कार्डधारकों को मिलने वाली सुविधाएं..
OCI कार्ड धारकों को भारत में रहने, काम करने और निवेश करने की कई सुविधाएं मिलती हैं, जिनमें शामिल हैं:
आजीवन मल्टीपल एंट्री वीजा
आर्थिक गतिविधियों में भाग लेने की छूट
शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और सुविधाएं
संपत्ति खरीदने (कृषि भूमि को छोड़कर) की अनुमति
हालांकि, OCI धारकों को वोटिंग का अधिकार, संवैधानिक पदों (जैसे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सांसद, विधायक) पर बैठने या सरकारी नौकरियों में कुछ विशेष श्रेणियों में शामिल होने का अधिकार नहीं मिलता।
रद्द करने के नियम और सख्ती..
सरकार ने OCI रद्द करने के प्रावधानों को और मजबूत किया है। पहले से ही यह व्यवस्था थी कि:
- यदि किसी OCI धारक को 2 वर्ष या उससे अधिक की सजा होती है, या 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराध में चार्जशीट फाइल होती है,तो केंद्र सरकार उसका OCI रजिस्ट्रेशन रद्द कर सकती है। नए नियमों में रद्द करने की प्रक्रिया को भी डिजिटल बनाया गया है, जिससे कार्रवाई तेज हो सकेगी।
OCI योजना की पृष्ठभूमि..
OCI योजना वर्ष 2005 में नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन के माध्यम से शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को भारत से गहरे संबंध बनाए रखने की सुविधा देना था।
इस योजना के तहत पाकिस्तान और बांग्लादेश से संबंधित व्यक्तियों को OCI कार्ड नहीं दिया जाता है। हाल के वर्षों में सरकार ने योग्यता को कुछ हद तक बढ़ाया भी है, जैसे श्रीलंका के भारतीय मूल के पांचवीं और छठी पीढ़ी के तमिलों को शामिल करना।
इन बदलावों का मकसद..
गृह मंत्रालय के अनुसार, नए नियमों का मुख्य उद्देश्य है:
- प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाना
- कागजी कार्रवाई कम करना
- सुरक्षा और अनुपालन सुनिश्चित करना
- दोहरी नागरिकता जैसे मुद्दों पर स्पष्टता लाना
ये बदलाव OCI प्रणाली को और अधिक आधुनिक, कुशल और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।

