मंडला में अवैध प्लॉटिंग का बड़ा खुलासा: बिना अनुमति काटे गए प्लॉट, 7 से ज्यादा लोगों को बेची गई जमीन
मध्य प्रदेश के मंडला जिले के निवास क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग का बड़ा मामला सामने आया है। राजस्व निरीक्षण मंडल, निवास द्वारा की गई जांच में खुलासा हुआ है कि वार्ड नंबर 2 अमाडोंगरी और आसपास के इलाकों में बिना वैध अनुमति के कॉलोनी काटकर जमीन बेची जा रही थी।
मध्य प्रदेश के मंडला जिले के निवास क्षेत्र में अवैध कॉलोनी काटकर जमीन बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। राजस्व निरीक्षण मंडल, निवास द्वारा की गई जांच में खुलासा हुआ है कि वार्ड नंबर 2 अमाडोंगरी और आसपास के क्षेत्रों में बिना वैध अनुमति के जमीन की प्लॉटिंग कर बिक्री की जा रही थी।
23 जनवरी 2026 को मौके पर जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित भूखंडों (खसरा नंबर 51/1/1/1/1/1/1/1/1/1 और 51/2) पर कॉलोनाइजर द्वारा अवैध रूप से प्लॉट काटकर बेचे गए। जांच में यह भी सामने आया कि अब तक कम से कम 7 लोगों को छोटे-छोटे प्लॉट बेच दिए गए हैं, जबकि न तो कॉलोनी की विधिवत अनुमति ली गई थी और न ही टीएनसीपी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) से लेआउट स्वीकृत कराया गया।
मौके पर बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव मिला। न सड़क, न नाली, न बिजली और न ही पेयजल की कोई व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद लोगों को प्लॉट बेच दिए गए।
राजस्व विभाग ने पाया कि संबंधित जमीन पर बिना डायवर्सन (भूमि उपयोग परिवर्तन) के ही प्लॉटिंग कर दी गई, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। पूर्व में भी इस मामले में 25 सितंबर 2025 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा आदेश जारी कर जमीन के क्रय-विक्रय और नामांतरण पर रोक लगा दी गई थी।
इसके अलावा, नारायणगंज क्षेत्र में भी इसी तरह का मामला सामने आया, जहां करीब 0.53 हेक्टेयर भूमि पर 25 प्लॉट काटकर बेच दिए गए। यहां भी न तो सड़क बनी, न बिजली व्यवस्था और न ही कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
प्रशासन ने संबंधित कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और आवश्यक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दी गई है, जिसके बाद सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
अवैध प्लॉटिंग का यह मामला प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े करता है। बिना अनुमति कॉलोनियां काटकर आम लोगों को प्लॉट बेचना न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि खरीदारों के लिए भी बड़ा जोखिम बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।
shivendra 
