होटल में ठहरने पर पुलिस नहीं कर सकती जांच, MP पुलिस का बड़ा आदेश
भोपाल से जारी आदेश में MP पुलिस ने साफ किया कि होटल में ठहरने वाली महिला को आरोपी नहीं बनाया जाएगा, पुलिस बिना आधार जांच नहीं कर सकती.
Madhya Pradesh Police मुख्यालय, भोपाल की महिला सुरक्षा शाखा ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि कोई भी महिला या पुरुष यदि अपनी मर्जी से कहीं भी ठहरता है या होटल में रहता है, तो पुलिस उसे अपराधी मानकर जांच या कार्रवाई नहीं कर सकती. यह आदेश अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 के अंतर्गत दर्ज मामलों को लेकर जारी किया गया है, जिसमें कई बार पुलिस द्वारा होटल या ढाबों में दबिश के दौरान महिला को ही आरोपी बना दिया जाता था.
क्या कहा गया आदेश में?
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि होटल या ढाबे का संचालक यदि अवैध रूप से देह व्यापार चला रहा है, तो वही अपराधी है. बरामद महिला को आरोपी नहीं बनाया जाएगा. स्वैच्छिक लैंगिक कार्य (Sex Work) अपने आप में अवैध नहीं है. महिला को पीड़ित/शोषित मानते हुए सम्मानजनक व्यवहार किया जाए... किसी महिला को गिरफ्तार, दंडित या परेशान नहीं किया जाए. यह निर्देश माननीय सर्वोच्च न्यायालय के बुद्धदेव कर्मास्कर बनाम पश्चिम बंगाल राज्य मामले में दिए गए आदेशों के अनुरूप हैं.
पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश
पुलिस मुख्यालय द्वारा इससे पहले भी. 21 सितंबर 2023 को परिपत्र जारी कर सभी जिलों को इस संबंध में निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद कुछ जिलों में नियमों का उल्लंघन सामने आया, जिस पर अब दोबारा सख्त आदेश जारी किए गए हैं.
सभी पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश
महिला सुरक्षा शाखा की विशेष पुलिस महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने आदेश में कहा है कि. अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 के मामलों में इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई और सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए. यह आदेश भोपाल, इंदौर सहित सभी जिला पुलिस अधीक्षक और रेल पुलिस अधीक्षक पर लागू होगा.
shivendra 
