हरदीप सिंह पुरी MP से निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित: नाम वापसी की समय-सीमा खत्म होते ही जीत का ऐलान, मिला प्रमाण पत्र
उत्तर प्रदेश छोड़ अब मध्य प्रदेश से राज्यसभा पहुंचेंगे हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय मंत्री मध्य प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित, नाम वापसी के अंतिम दिन हुई औपचारिक घोषणा, एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर निर्विरोध चुने गए
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित हो गए हैं। गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को नाम वापसी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने उनकी जीत की औपचारिक घोषणा की। इसके साथ ही उन्हें निर्वाचन प्रमाण पत्र भी सौंप दिया गया। इस जीत के बाद अब हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश के कोटे से राज्यसभा में प्रतिनिधित्व करेंगे।
2 निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन हुए निरस्त
मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट के उपचुनाव में हरदीप सिंह पुरी के अलावा दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। इनमें कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी और कांते सायन्ना शामिल थे। हालांकि, नामांकन पत्रों की जांच के दौरान तकनीकी खामियों और त्रुटियों के चलते दोनों उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त कर दिए गए थे। इसके बाद चुनाव मैदान में हरदीप सिंह पुरी ही एकमात्र उम्मीदवार बच गए थे। गुरुवार को नाम वापसी की समय-सीमा समाप्त होते ही उनकी निर्विरोध जीत की औपचारिक घोषणा कर दी गई।

UP की जगह MP से राज्यसभा में प्रतिनिधित्व
हरदीप सिंह पुरी इससे पहले उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे। उनका कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला था। बीजेपी नेतृत्व ने इस बार उन्हें उत्तर प्रदेश के बजाय मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजने का फैसला किया।
मध्य प्रदेश की यह सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इस सीट का कार्यकाल अप्रैल 2030 तक निर्धारित है। अब हरदीप सिंह पुरी इस शेष कार्यकाल के लिए राज्यसभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके निर्विरोध निर्वाचन से बीजेपी को उच्च सदन में अपना प्रतिनिधित्व बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही मध्य प्रदेश की राजनीति में भी इस चुनाव को अहम माना जा रहा है।

