भोपाल में अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन, शिवराज- सिंधिया पर लगाए वादाखिलाफी के आरोप

अतिथि शिक्षकों ने लंबित मांगों और सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए भोपाल के आंबेडकर मैदान में बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से पहुंचे शिक्षकों ने नियमित नीति, 12 माह सेवा और रोजगार सुरक्षा की मांग उठाई।

भोपाल में अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन, शिवराज- सिंधिया पर लगाए वादाखिलाफी के आरोप

भोपाल: अतिथि शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों और सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में मंगलवार को राजधानी भोपाल  के अंबेडकर मैदान में बड़ा प्रदर्शन किया। अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में प्रदेशभर से हजारों शिक्षक शामिल हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए मांगों के जल्द निराकरण की मांग उठाई।

संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में जुटे शिक्षक

 अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा' के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से शिक्षक भोपाल पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार ने पूर्व में कई आश्वासन दिए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है। इससे हजारों अतिथि शिक्षकों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

आश्वासनों का घड़ा भर चुका है

सभा को संबोधित करते हुए संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि अतिथि शिक्षक वर्षों से बेहद कम मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो सम्मान मिला और न ही नौकरी की सुरक्षा। चुनाव के समय किए गए वादों को अब तक लागू नहीं किया गया, जिससे शिक्षकों में भारी नाराजगी है।अतिथि शिक्षकों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें 62 वर्ष की आयु तक सेवा देने की अनुमति, पूरे 12 महीने सेवाएं जारी रखने की व्यवस्था, अनुभवी शिक्षकों को प्राथमिकता और विभागीय स्तर पर सुरक्षित नीति बनाने की मांग शामिल है।

नेताओं के आश्वासन का भी जिक्र

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज सिंह चौहान ने भी अतिथि शिक्षकों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।अतिथि शिक्षकों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर फैसला नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। भोपाल में हुए इस शक्ति प्रदर्शन को सरकार पर दबाव बनाने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है। 

ये हैं मुख्य मांगें

- नियमितीकरण के लिए विशेष विभागीय पात्रता परीक्षा आयोजित कर कम से कम 30% पद अतिथि शिक्षकों के लिए आरक्षित किए जाएं।

- शिक्षक भर्ती में 50% पद अतिथि शिक्षकों के लिए तय हों, हर वर्ष 4 बोनस अंक (अधिकतम 20) दिए जाएं और पात्रता अंकों में 10% छूट मिले।

- स्कोर कार्ड में हर वर्ष 10 अंक (अधिकतम 100) जोड़े जाएं और 50 दिन कार्य पूर्ण होने पर अनुभव अंक मिलें, 2011 संविदा परीक्षा के अंक भी जोड़े जाएं।

- 12 माह का वार्षिक अनुबंध लागू किया जाए और कार्यमुक्त होने पर समायोजन किया जाए।

- बीमा, पीएफ, स्वास्थ्य सुविधाएं और 13 आकस्मिक व 3 ऐच्छिक अवकाश दिए जाएं।

- ई-अटेंडेंस प्रणाली में सुधार कर काटे गए मानदेय का तुरंत भुगतान किया जाए।

- तकनीकी समस्या की स्थिति में ऑफलाइन उपस्थिति मान्य की जाए।