MP में फूलों की खेती को मिलेगा बढ़ावा, उज्जैन में खुलेगा सेंटर फॉर एक्सीलेंस फ्लोरीकल्चर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्यानिकी विभाग की बैठक में किसानों को उद्यानिकी, जैविक और सीजनल फसलों से जोड़ने के निर्देश दिए,उज्जैन में सेंटर फॉर एक्सीलेंस फ्लोरीकल्चर खोला जाएगा, जबकि खेती योजनाओं में 40% तक अनुदान भी दिया जा रहा है।
भोपाल:डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश में उद्यानिकी फसलों के विस्तार, जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए।
उज्जैन में खुलेगा फ्लोरीकल्चर सेंटर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में फूलों की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए उज्जैन में सेंटर फॉर एक्सीलेंस फ्लोरीकल्चर स्थापित करने के निर्देश दिए। इससे किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बेहतर बाजार उपलब्ध हो सकेगा।

किसानों को उद्यानिकी फसलों से जोड़ने पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक किसानों को सीजनल और उद्यानिकी फसलों से जोड़ा जाए। साथ ही उन्हें जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि उत्पादन लागत कम हो और गुणवत्ता बेहतर हो सके।बैठक में बताया गया कि प्रदेश की 40 विभागीय नर्सरियों को हाईटेक बनाया जा रहा है। वहीं प्रेसराइज्ड इरीगेशन वाले जिलों में 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई का विस्तार किया जा रहा है।
प्राकृतिक खाद के उपयोग पर फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खेती में प्राकृतिक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग के लिए जागरूक किया जाए।
आज मंत्रालय में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की योजनाओं एवं फील्ड गतिविधियों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। pic.twitter.com/D1NGIZzun5
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) April 29, 2026
उत्पादन में एमपी की मजबूत स्थिति
बैठक में बताया गया कि मसाला फसलों के उत्पादन में मध्यप्रदेश, देश में पहले स्थान पर है। प्रदेश पुष्प और सब्जी उत्पादन में तीसरे तथा फल उत्पादन में चौथे स्थान पर है। वहीं 14 जिलों में मखाना उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
40 प्रतिशत तक मिल रहा अनुदान
इस योजना में केंद्र सरकार परियोजना लागत पर 40 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है। इसका लाभ किसानों को आधुनिक खेती और प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना में मिलेगा।बैठक में उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
sanjay patidar 
