चित्रकूट में 20 लाख की चोरी का खुलासा, फरियादी के बेटों ने दोस्तों संग रची थी साजिश

सतना जिले की चित्रकूट पुलिस ने 20 लाख कैश समेत ज्वेलरी की चोरी का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

चित्रकूट में 20 लाख की चोरी का खुलासा, फरियादी के बेटों ने दोस्तों संग रची थी साजिश

सतना। जिले के चित्रकूट क्षेत्र में हुई 20 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के आभूषणों की सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि चोरी का मास्टरमाइंड कोई बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि खुद फरियादी के दो बेटे निकले। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 14 लाख 26 हजार रुपये की नकदी और आभूषण बरामद किए हैं, जबकि एक आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है। आरोपी के बयान के आधार पर पुलिस ने भोपाल से अभय और चित्रकूट से विभव को गिरफ्तार किया। तीनों के कब्जे से 10 लाख 26 हजार रुपये नकद और करीब 4 लाख रुपये मूल्य के आभूषण बरामद किए गए। गुरुवार को आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।

जानकारी के अनुसार, सिरसावन निवासी मनोज मिश्रा (45), पुत्र चुन्नीलाल पयासी के घर 20 जनवरी की रात अज्ञात बदमाशों ने धावा बोल दिया था। चोर घर के ऊपरी कमरे से करीब 20 लाख रुपये नकद और सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हो गए थे। 21 जनवरी की सुबह जब परिवार की नींद खुली तो कमरे का दरवाजा खुला मिला और नकदी व गहने गायब थे। इसके बाद पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी गिरिजाशंकर बाजपेयी के नेतृत्व में पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और साइबर टीम व मुखबिरों की मदद से सुराग जुटाए। जांच के दौरान संदेह फरियादी के बड़े बेटे हर्ष मिश्रा (24) पर गया। हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि भोपाल में पढ़ाई कर रहे छोटे भाई ने एक राजनीतिक संगठन के छात्र संगठन का चुनाव लड़ने के लिए भारी रकम उधार लेकर खर्च कर दी थी। बड़े भाई पर भी कर्ज बढ़ चुका था। आर्थिक तंगी से परेशान दोनों भाइयों ने कर्ज चुकाने के लिए घर में ही चोरी की योजना बनाई। इस साजिश में उन्होंने अपने दोस्तों अभय तिवारी (24), निवासी इटावा (हाल भोपाल) और विभव उर्फ विक्की पांडेय (28), निवासी प्रमोदवन को शामिल किया। योजना के तहत 20 जनवरी की रात हर्ष ने घर के दरवाजे अंदर से खोल दिए और अपने साथियों को उस दिशा से बुलाया, जहां का सीसीटीवी कैमरा खराब था। दोनों साथियों को नकदी और आभूषण सौंपकर बाहर भेज दिया गया। अगले दिन सभी ने बाहर मिलकर रकम और गहनों का बंटवारा कर लिया।